चालकों के लिए प्राथमिक उपचार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

मंगन : मंगन के जिला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी) सभागार में आज ‘प्राथमिक उपचार, उच्च ऊंचाई आपात स्थितियां और पर्यटक शिष्टाचार’ विषय पर पर्यटक टैक्सी चालकों के लिए एक दिवसीय संवेदनशीलता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासनिक केंद्र, मंगन द्वारा पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग, सिक्किम सरकार के सहयोग से आईईआईएपी कन्वर्जेंस – सिक्किम इंस्‍पायर्स के तहत किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि अध्यक्ष कादो लेप्चा तथा अन्य गणमान्य अतिथियों को पारंपरिक खादा भेंट कर स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) मंगन एलबी छेत्री, एसडीएम (मुख्यालय) सह नोडल अधिकारी सिक्किम इंस्‍पायर्स संदीप कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (विकास) डॉ सोनम रिनचेन लेप्चा, थाना प्रभारी मंगन प्रशांत राई, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक जॉन छेत्री, पर्यटन अधिकारी (मुख्यालय) सुश्री दीपा गुरुंग, ग्रामीण विकास विभाग से तकनीकी विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका श्रेष्ठ एवं ज्ञान प्रसाद शर्मा सहित पर्यटन और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी तथा मंगन जिले के विभिन्न संघों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थानीय चालक उपस्थित रहे।

स्वागत भाषण देते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (विकास) डॉ सोनम रिनचेन लेप्चा ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंगन जिले में अपनी तरह की पहली पहल है, जो वर्ष 2029 तक सिक्किम इंस्‍पायर्स कार्यक्रम के तहत जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के मार्गदर्शन में की गई है, जिसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय चालकों की तकनीकी जागरूकता और पेशेवर व्यवहार को सुदृढ़ करना है।

मुख्य अतिथि कादो लेप्चा ने अपने संबोधन में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चालकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्यटक चालक राज्य के प्रतिनिधि होते हैं और उनका अनुशासन, शिष्ट व्यवहार तथा पेशेवर दृष्टिकोण सिक्किम की छवि को मजबूत बनाता है। उन्होंने चालकों को पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया, जिससे आय में वृद्धि के साथ-साथ अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

पुलिस विभाग की ओर से थाना प्रभारी प्रशांत राई ने यातायात नियमों का पालन करने में चालकों द्वारा बनाए रखे गए अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक संवाद और जिम्मेदार व्यवहार से पर्यटकों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने वाहन रखरखाव, सुरक्षा मानकों, उचित पार्किंग, स्वच्छता तथा निर्धारित क्षेत्रों में संचालन के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने चालकों को पर्यटक स्थलों की जानकारी साझा करने और संवाद को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त भाषाएं सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला चिकित्सा अधीक्षक डॉ पल्लवी परियार ने प्राथमिक उपचार और चिकित्सा आपात स्थितियों पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने प्राथमिक उपचार किट के आवश्यक घटकों, सामान्य सावधानियों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के महत्व को समझाया। प्रस्तुति में दम घुटना, जलना, नकसीर, काटने या डंक लगने, मधुमेह संबंधी आपात स्थिति, श्वसन एवं हृदय गति रुकने जैसी स्थितियों से निपटने के उपायों के साथ-साथ ऑक्सीजन कैनिस्टर के उपयोग और विशेष रूप से उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में घायल व्यक्तियों के सुरक्षित परिवहन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी प्रकाश डाला गया।

मोटर वाहन प्रभाग, मंगन के प्रतिनिधि एएमवीआई छिरिंग वोंग्चुक भूटिया ने कहा कि चालक पर्यटन क्षेत्र के राजदूत होते हैं, क्योंकि वे अक्सर पर्यटकों के पहले संपर्क बिंदु होते हैं। उन्होंने यात्रा से पहले वाहन की फिटनेस, बीमा और आवश्यक अनुमति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने मोटरसाइकिल पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए सवार और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट के उपयोग की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने चालकों से तेज गति, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग और नशे में वाहन चलाने से बचने की अपील की, साथ ही दूरदराज क्षेत्रों में कार्यरत चालकों के लिए प्राथमिक उपचार की जानकारी को आवश्यक बताया।

पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन अधिकारी (मुख्यालय) सुश्री दीपा गुरुंग ने चालकों को सिक्किम पर्यटन का “ब्रांड एंबेसडर” बताते हुए उनकी भूमिका की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क परिवहन मुख्य साधन होने के कारण पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने में चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने चालकों को पर्यटक स्थलों, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की जानकारी बनाए रखने तथा अनुचित व्यवहार से बचने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन विभाग का एडवेंचर सेल और सिक्किम इंस्‍पायर्स संयुक्त रूप से बचाव कार्यों पर दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं, जिसमें इच्छुक प्रतिभागी पंजीकरण कर सकते हैं।

इसके बाद एसडीएम (मुख्यालय) एवं नोडल अधिकारी संदीप कुमार ने विशेष रूप से उत्तर सिक्किम मार्गों के लिए परमिट प्रक्रिया और समयसीमा की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों के वाहन भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत परमिट प्राप्त कर सकते हैं और चालकों से परमिट संबंधी गलत जानकारी फैलाने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और पुलिस थानों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी वाले संपर्क पोस्टर चालकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने चालकों से पर्यटकों को स्थानीय वनस्पति, जीव-जंतुओं और प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्रों के बारे में जानकारी देने की अपील की, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने पर्यटन सूचना केंद्र (टीआईसी) के माध्यम से फीडबैक देने के लिए भी प्रोत्साहित किया, जिससे भविष्य में पर्यटन सेवाओं में सुधार किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने प्रतिभागी चालकों को पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्राथमिक उपचार किट, ऑक्सीजन कैनिस्टर और कचरा बैग वितरित किए। साथ ही, आईईआईएपी डीएसी मंगन के तहत विकसित “जिम्मेदार यात्रा दिशानिर्देश” भी लॉन्च किए गए। कार्यक्रम का समापन चिवांग नोर्बू डेंजोंग्पा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जबकि पूरे कार्यक्रम का संचालन ललित नारायण गिरी ने किया।

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