बिजली के भविष्य पर मंथन : भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 में जुटे 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि

गंगटोक : देश की राजधानी नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। 19 से 22 मार्च तक चलने वाले इस चार दिवसीय सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई देशों के ऊर्जा मंत्री भाग ले रहे हैं।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया, जबकि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी और ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक भी इस अवसर पर मौजूद रहे। ‘इलेक्ट्रिफाइंग ग्रोथ, एम्पावरिंग सस्टेनेबिलिटी, कनेक्टिंग ग्लोबली’ थीम पर आधारित यह सम्मेलन वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में भारत की अग्रणी भूमिका को रेखांकित कर रहा है। साथ ही, यह वैश्विक दक्षिण की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।

सम्मेलन में सिक्किम सरकार के ऊर्जा विभाग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भाग ले रहा है, जिसमें सलाहकार, सचिव तथा अन्य अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में स्वच्छ ऊर्जा, ग्रिड प्रौद्योगिकी और अवसंरचना विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हो रही है। इसमें वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव, कार्यबल के रूपांतरण और टिकाऊ तकनीकों के समावेश पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक अवसंरचना विकास के लिए साझा रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान कर रहा है। साथ ही, इसमें बिजली वितरण से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो भविष्य में वैश्विक पावर ग्रिड को जोड़ने और टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वैश्विक आयोजनों से न केवल देशों के बीच सहयोग मजबूत होता है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार भी खुलते हैं।

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