गेजिंग : ही–यांगथांग वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गेजिंग जिला में बाढ़, भूकंप और भूस्खलन प्रबंधन संबंधी व्यापक आपदा तैयारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 36वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की रेस्क्यू एवं राहत टीम द्वारा विद्यालय की एनसीसी/एनएसएस इकाई तथा फीडर विद्यालय के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी उप-प्रधानाचार्य हरि भंडारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, फीडर विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरुकता बढ़ाना तथा जीवनरक्षक कौशल विकसित करना था।
प्रशिक्षण के दौरान भूस्खलन, भूकंप और बाढ़ के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। भूकंप से पहले और बाद में किए जाने वाले आवश्यक कदमों तथा दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय, बचाव तकनीक, प्राथमिक उपचार, सीपीआर तथा घायलों को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संसाधन वक्ता एचसीजीडी भूप सिंह ने कहा कि भूकंप के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पूर्व तैयारी और सामुदायिक जागरुकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि नियमित मॉक ड्रिल और क्षमता विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में सही निर्णय लिया जा सके। उन्होंने 36वीं बटालियन एसएसबी के सक्रिय समन्वय और प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के सफल संचालन में एचसीजीडी भूप सिंह, एचसीजीडी महेंद्र छेत्री तथा एएसआईजीडी ओंकार सिंह सहित टीम के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बचाव संबंधी व्यावहारिक प्रदर्शन 36वीं बटालियन एसएसबी की आपदा प्रबंधन टीम द्वारा किया गया। अंत में विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी के साथ संवादात्मक अभ्यास आयोजित किया गया। इससे समुदाय स्तर पर प्रभावी आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारी की क्षमता को और सुदृढ़ करने का विश्वास व्यक्त किया गया।
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