गंगटोक : सिक्किम की प्रतिष्ठित गवर्नर्स गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता का एक और खिताब जीतने का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया। शुक्रवार शाम पालजोर स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्थानीय टीम सिक्किम आक्रमण एससी को शिलांग लाजोंग के हाथों 2-5 से हार का सामना करना पड़ा। इस शानदार जीत के साथ शिलांग लाजोंग ने प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
फाइनल तक शानदार सफर तय करने वाली सिक्किम आक्रमण एससी के पास खिताब जीतने वाली दूसरी घरेलू टीम बनने का सुनहरा मौका था। टीम ने टूर्नामेंट में ईस्ट बंगाल एफसी की रिजर्व टीम और गोकुलम एफसी जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उसे शिलांग लाजोंग की आक्रामक रणनीति और दमदार खेल के सामने टिकने में मुश्किल हुई।
मैच की शुरुआत से ही शिलांग लाजोंग ने आक्रामक तेवर अपनाए और पहले 15 मिनट के भीतर दो गोल दागकर सिक्किम आक्रमण पर दबाव बना दिया। दोनों गोल हेडर के जरिए हुए। कप्तान केनस्टार ने कॉर्नर से मिले मौके को हेडर के जरिए गोल में बदलकर टीम का खाता खोला। इसके बाद स्ट्राइकर सना ने शानदार क्रॉस पर हेडर लगाते हुए गेंद को आक्रमण के गोलकीपर निमदुप लेप्चा के पार पहुंचा दिया।
शुरुआती झटकों से उबरने की कोशिश में सिक्किम आक्रमण ने वापसी के प्रयास किए, लेकिन टीम स्पष्ट गोल के मौके बनाने में नाकाम रही। दूसरी ओर, शिलांग लाजोंग ने लगातार दबाव बनाए रखा और अपने तेज आक्रमण से विपक्षी टीम की रक्षा पंक्ति को व्यस्त रखा।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही शिलांग लाजोंग ने तीसरा गोल दागकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। सिक्किम आक्रमण की रक्षात्मक चूक का फायदा उठाते हुए लियान ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद बॉक्सर प्रधान ने गोल कर सिक्किम आक्रमण की उम्मीदें जगाईं। हालांकि, मैच के अंतिम 10 मिनट में वैकल्पिक स्ट्राइकर तनेमिकी ने शिलांग लाजोंग के लिए चौथा गोल दागकर घरेलू टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।
सिक्किम आक्रमण ने हार मानने के बजाय संघर्ष जारी रखा। वैकल्पिक खिलाड़ी कुंजमान थापा ने गोल कर स्कोर 4-2 किया और मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगाई। लेकिन अतिरिक्त समय में गोल की तलाश में आगे बढ़ी घरेलू टीम को जवाबी हमले का खामियाजा भुगतना पड़ा। तनेमिकी ने अपना दूसरा गोल दागते हुए शिलांग लाजोंग की 5-2 की जीत सुनिश्चित कर दी।
इस जीत के साथ शिलांग लाजोंग गवर्नर्स गोल्ड कप जीतने वाली पूर्वोत्तर भारत की दूसरी टीम बन गई। सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से वर्ष 1979 से प्रतिवर्ष आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचकर सिक्किम आक्रमण ने भी इतिहास रचा। वह फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी घरेलू टीम बनी। प्रतियोगिता के उद्घाटन संस्करण का खिताब गंगटोक म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन इलेवन ने जीता था। इसके बाद से अब तक कोई भी सिक्किमी टीम इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम नहीं कर सकी है।
शिलांग लाजोंग के कप्तान केनस्टार को टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया, जबकि टीम के गोलकीपर रंजीत को ‘गोल्डन ग्लव’ पुरस्कार प्रदान किया गया। समापन समारोह में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग गोले, मुख्य न्यायाधीश ए मुहम्मद मुस्ताक, राज्य सरकार के मंत्री, सिक्किम फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष मेनला एथेनपा, एसएफए के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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