गंगटोक : सिक्किम के सिंगताम पुलिस थाने के लॉकअप में न्यायिक हिरासत के दौरान एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद पुलिस विभाग ने ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की न्यायिक जांच के साथ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
मृतक की पहचान पुर्ने दर्जी (55) के रूप में हुई है। वह मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट), 1985 तथा सिक्किम एंटी-ड्रग्स एक्ट, 2006 के तहत दर्ज एक मामले में 25 से 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर था। मंगलवार तड़के वह सिंगताम थाने के लॉकअप में मृत पाया गया।
गंगटोक जिला पुलिस के अनुसार घटना की सूचना तुरंत मृतक के परिजनों को दी गई और उन्हें शव देखने की अनुमति दी गई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए घटनास्थल को सुरक्षित कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, राबदांग के एसडीएम, परिजनों, स्वतंत्र गवाहों, फोरेंसिक विशेषज्ञों, क्राइम ब्रांच/सीआईडी तथा मेडिको-लीगल विशेषज्ञों की मौजूदगी में पंचनामा, फोरेंसिक जांच और साक्ष्य संकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।
राबदांग के एसडीएम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 194 के तहत जांच की, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में धारा 196(2) के तहत स्वतंत्र न्यायिक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और राज्य मानवाधिकार आयोग को भी घटना की सूचना दे दी गई है। एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम पूरी वीडियोग्राफी के साथ कराया जा रहा है।
राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने घटनास्थल की जांच की है, जबकि क्राइम ब्रांच/सीआईडी ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, लॉकअप रजिस्टर और अन्य दस्तावेज जब्त कर सुरक्षित रख लिए हैं। मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जो मूल एनडीपीएस मामले की जांच से जुड़ा नहीं था।
पुलिस ने कहा कि न्यायिक जांच, आपराधिक जांच या विभागीय कार्रवाई में यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही, कदाचार अथवा आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मीडिया और आम लोगों से जांच पूरी होने तक मौत के कारणों को लेकर अटकलें न लगाने तथा मृतक और उसके परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की गई।
No Comments: