गंगटोक : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से आज राजभवन के सम्मेलन कक्ष में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद और मोहाली परिसर के 40 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।
यह छात्र समुह सिक्किम के जैविक अभियान के अध्ययन हेतु दौरे पर हैं। बैठक की शुरुआत में राज्यपाल महोदय के सचिव जितेंद्र सिंह राजे ने सभी अतिथियों और छात्रों का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईएसबी हैदराबाद के भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (बीआईपीपी) के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अश्विनी छत्रे और प्रोफेसर अभिजीत परमार कर रहे हैं।
पांच दिनों के इस गहन अध्ययन दौरे के दौरान छात्रों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और स्थानीय किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया। उन्होंने साझा किया कि सिक्किम में सरकार और किसानों के बीच का तालमेल और नेटवर्क मजबूत है, जिससे जैविक खेती को जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय सफलता मिली है।
छात्रों ने कृषि क्षेत्र को और आधुनिक बनाने के लिए कुछ सुझाव भी दिए, जिनमें आधुनिक तकनीक का समावेश , जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), उन्नत तकनीक और ड्रोन के उपयोग पर बल देना, जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए प्रभावी समाधान शामिल हैं। अपने अनुभवों को साझा करते हुए दल ने सिक्किम की संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और महिला सशक्तिकरण की सराहना की ।
राज्यपाल ने छात्रों के अवलोकन और सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सिक्किम देश ही नहीं बल्कि विश्व के लिए जैविक खेती का एक मॉडल राज्य है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के बीच सेतु का कार्य करें, जिससे किसानों की आय और उत्पादकता दोनों बढ़ सकें। साथ ही अपने अनुभवों को लिखित रूप में पेश करने पर जोर दिया।
राज्यपाल महोदय ने विशेष रूप से सिक्किम के लोगों की लगन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रदेश में जो कुछ मैंने सीखा है, वह उन लोगों से सीखा है जो भूमि पर कार्य करते हैं। और सिक्किम में मैंने एक ऐसी युवा पीढ़ी देखी है जो छोटे कार्य को भी लगन से करती है, यही वह शक्ति है जिस पर विकसित भारत का निर्माण होगा। माननीय राज्यपाल ने छात्रों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। आईएसबी ने माननीय राज्यपाल को उनके समय और मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। तथा उन किसानों और ग्राम संस्थाओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान छात्रों की मेजबानी की।
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