सिंगताम हिरासत मौत मामले में एसडीएफ ने न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

गंगटोक : सिंगताम पुलिस थाने की हिरासत में 55 वर्षीय पुर्ने दर्जी की मौत के मामले में Sikkim Democratic Front (एसडीएफ) ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

एसडीएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (प्रचार-प्रसार) कृष्ण खरेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिरासत में दिन-रात पुलिस निगरानी के बावजूद किसी आरोपी का कथित रूप से फटे कंबल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने पूछा कि यदि आरोपी इतनी तैयारी कर रहा था तो पुलिस की निगरानी कहां थी और सुरक्षा व्यवस्था कैसे विफल हुई।

पार्टी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के अपराध या निर्दोष होने का फैसला अदालत करती है, लेकिन पुलिस हिरासत में उसकी मौत होना न्याय व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। एसडीएफ ने मांग की है कि मामले की न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पार्टी ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना, एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार मानवाधिकार आयोग को तत्काल सूचना देकर सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना तथा बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत कार्यकारी या न्यायिक मजिस्ट्रेट से अनिवार्य जांच सुनिश्चित करना शामिल है।

एसडीएफ ने कहा कि हिरासत में होने वाली मौतें कानून के शासन और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics