गंगटोक : विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्यवासियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों, संस्कृतियों और समुदायों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सेतु है। यह आपसी समझ, साझा समृद्धि और सतत विकास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पर्यटन के भविष्य को जिम्मेदारी के साथ आकार देना आवश्यक है। पर्यटन से नए आर्थिक अवसर पैदा करने के साथ उन प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों, स्थानीय समुदायों और सांस्कृतिक विरासतों की रक्षा भी जरूरी है, जो प्रत्येक पर्यटन स्थल को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम के लिए प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण कोई नई प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। ‘संरक्षण के माध्यम से समृद्धि’ के सिद्धांत पर चलते हुए राज्य ने हमेशा ऐसे विकास को प्राथमिकता दी है, जिसमें प्रकृति, संस्कृति और समुदाय प्रगति के केंद्र में रहें।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि एक छोटे हिमालयी राज्य के रूप में सिक्किम की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है। यहां के पर्वत, हिमनद, नदियां, वन और जैव विविधता संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र का हिस्सा हैं। वहीं मोनेस्ट्री, परंपराएं, हस्तशिल्प, त्योहार और स्थानीय जनजातीय संस्कृतियां राज्य की जीवंत विरासत हैं, जिन्हें आने वाली पीढय़िों के लिए संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने पर्यटन के ऐसे स्वरूप की आवश्यकता बताई, जो केवल पर्यटकों के आगमन तक सीमित न रहे, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के पुनर्जीवन, स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मानजनक आजीविका के सृजन और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को मजबूत करने में भी योगदान दे।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि सिक्किम को सतत एवं पुनर्योजी पर्यटन की उच्च हिमालयी प्रयोगशाला के रूप में विकसित करना राज्य की आकांक्षा है। इसके माध्यम से यह प्रदर्शित किया जा सकेगा कि आर्थिक अवसरों का विस्तार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। विश्व पर्यटन दिवस पर उन्होंने सभी से सामूहिक संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि पर्यटन ऐसा होना चाहिए, जो लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करे। स्थानीय समुदायों को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उन्हें सशक्त बनाए और पर्यटन स्थलों पर बोझ छोड़ने के बजाय उन्हें अधिक मजबूत एवं सक्षम बनाए। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सिक्किम सतत और जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में अपनी पहचान मजबूत करता रहेगा।
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