नामची : जिले में 8वें पोषण पखवाड़े का समापन कार्यक्रम आज नामथांग जोन-1 के महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा टेक प्राइमरी स्कूल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त वरिष्ठ एएनएम श्रीमती संचमाया राई मुख्य अतिथि और पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती नोरजे लेप्चा एवं वार्ड पंचायत श्रीमती शांतिमिथ लेप्चा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर, पंचायत उपाध्यक्ष नोरजे लेप्चा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताने के साथ कुपोषण के बुरे प्रभावों पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह उचित पोषण एक स्वस्थ परिवार, समुदाय और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है। उन्होंने भविष्य में स्वयं सहायता समूहों को भी इस पहल में शामिल करने का सुझाव दिया, क्योंकि वे जानकारी को तेजी से फैलाने में प्रभावी होते हैं।
वहीं, वार्ड पंचायत श्रीमती शांतिमिथ लेप्चा ने समुदाय में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और बताया कि ग्राम सभा की बैठकों में भी जागरुकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने ऐसी जागरूकता पहलों के लिए निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
इसके साथ, जिला समन्वयक प्रणय शर्मा ने पोषण अभियान एवं पोषण पखवाड़े के उद्देश्यों पर बात करते हुए इसकी पांच थीम के बारे में बताया। उनके साथ, सीडीपीओ लक्ष्मण तमांग ने प्रारंभिक बाल्यावस्था (3-6 वर्ष) में खेल-आधारित शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में, 3 वर्ष से कम आयु के बहुत ही कम बच्चे आईसीडीएस केंद्रों में आ रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का संदर्भ देते हुए, उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों पर लिखने के लिए ज़ोर नहीं डाला जाना चाहिए, बल्कि उन्हें खेल-आधारित और रचनात्मक तरीकों से सीखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर सहायक पोषण निदेशक सोफिया लेप्चा और नामथांग ब्लॉक की विशेष शिक्षिका मोना शर्मा ने भी वक्तव्य रखा।
कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर, बीएमआई गणना, रक्तचाप जांच और लंबाई व वजन की माप जैसे बुनियादी स्वास्थ्य जांच किए गए। इस कार्यक्रम में नामथांग जोन-1 के 27 आंगनबाड़ी केंद्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। लाभार्थियों में बच्चे, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं, साथ ही समुदाय के बुज़ुर्ग सदस्य शामिल थे।
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