राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को दिखाई अंतरिक्ष की नई दुनिया

नामची : राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस-2026 के अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सिक्किम सरकार के अधीन सिक्किम राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने उत्तर-पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र और इसरो के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया।

12 अगस्त को पीएम श्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नामची में आयोजित कार्यक्रम में नामची और गेजिंग जिलों के 15 स्कूलों से करीब 250 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस भारत सरकार की ओर से वर्ष 2024 से मनाया जा रहा है। यह दिवस 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक उतरने और प्रज्ञान रोवर की ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में मनाया जाता है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, अंतरिक्ष विज्ञान और दैनिक जीवन में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग संचार, मौसम एवं जलवायु अध्ययन, आपदा प्रबंधन, बाढ़ और भूस्खलन की निगरानी तथा जीएलओएफ के मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम में नामची के मुख्य शिक्षा अधिकारी जीपी शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गेजिंग के आरिगांव स्थित संचमान लिम्बू राजकीय महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं भौतिकी के प्रोफेसर डॉ भक्त कुंवर, पीएम श्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नामची की प्रधानाचार्या बंदना राई और नामची की प्रभागीय वन अधिकारी मर्मित लेप्चा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अंतरिक्ष क्षेत्र से एनईएसएसी की वैज्ञानिक एफ डॉ सुचित्रा डी और इसरो के वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक अश्विन जीएस ने भाग लिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक डॉ सुमन थापा, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ एनपी शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

एनईएसएसी की वैज्ञानिक डॉ सुचित्रा डी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुरुआत और इसके महत्व की जानकारी दी। मुख्य अतिथि जीपी शर्मा ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रश्नोत्तरी में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

संसाधन व्यक्ति प्रो डॉ भक्त कुंवर ने भारत की अंतरिक्ष क्रांति की यात्रा और इसमें योगदान देने वाले अग्रणी भारतीय वैज्ञानिकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण और उपग्रहों के विकास के इतिहास पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम करने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उभर रहे अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि बंदना राई ने दैनिक जीवन में अंतरिक्ष तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने जीपीएस जैसे उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने इसरो और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों से सीखने के इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक डॉ. सुमन थापा ने विभाग की विभिन्न शाखाओं, कार्यों और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

वैज्ञानिक अधिकारी डॉ एनपी शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग से हासिल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। डॉ शर्मा ने जलवायु परिवर्तन से संबंधित विभागीय परियोजनाओं की जानकारी देते हुए वर्ष 2023 में आई जीएलओएफ आपदा के बाद किए गए अध्ययनों का उल्लेख किया। उन्होंने सिक्किम में संवेदनशील हिमनद झीलों की पहचान और उनके अध्ययन के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया। साथ ही विभाग की आगामी परियोजनाओं और नई पहलों की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता रही। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि एवं जागरुकता बढ़ाना था। सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एमबीए विभागाध्यक्ष डॉ बिबेथ शर्मा ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का संचालन किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पेलिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने प्रथम, पीएम श्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नामची ने द्वितीय तथा ताशीडिंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार राशि, प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने भारत की अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विभिन्न उपयोगों और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध करियर एवं अध्ययन के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और नई पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

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