गंगटोक : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास एवं सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ), गंगटोक की ओर से रिज पार्क में दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम सह प्रदर्शनी एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का मंगलवार को उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डीटी लेप्चा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य सिक्किम के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, केंद्र सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बड़े उद्योगों के साथ व्यावसायिक संबंध स्थापित करने तथा सरकारी खरीद, विक्रेता पंजीकरण और बाजार तक पहुंच की प्रक्रिया से परिचित कराना है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद लेप्चा ने कहा कि सिक्किम के एमएसएमई और संस्थागत खरीदारों के बीच मजबूत बाजार संबंध विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम स्थानीय उद्यमियों को केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, पंजीकरण और निविदा प्रणाली को समझने का अवसर देते हैं।
उन्होंने पर्यटन, जैविक कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा और पर्यावरण अनुकूल उद्यमों में व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उद्यमियों से मूल्यवर्धित, ब्रांडेड और प्रमाणित उत्पाद विकसित करने का आह्वान किया। महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने प्रशिक्षण, पैकेजिंग, वित्त और बाजार उपलब्धता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
इससे पहले, एमएसएमई-डीएफओ गंगटोक के सहायक निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख निर्मल चौधरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को केंद्रीय सरकारी संस्थाओं, सीपीएसयू, पीएसयू और अन्य संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी ई-मार्केटप्लेस, ट्राइब्स इंडिया और खरीद एवं विपणन सहायता योजना जैसी पहलों की जानकारी भी दी।
सिक्किम सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रधान निदेशक (एमएसएमई) एम. रवि कुमार ने कहा कि राज्य के जैविक खाद्य उत्पाद, चाय, मसाले, प्रसंस्कृत खाद्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद संस्थागत खरीद एवं उपहार बाजार में बेहतर स्थान बना सकते हैं। उन्होंने पर्यटन, होमस्टे, कैफे और सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को भी सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों की जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक योजनाएं तैयार करने की सलाह दी।
वहीं, सिक्किम उद्यमिता एवं आर्थिक विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राज लामा ने कहा कि उद्यमियों और सरकारी एजेंसियों के बीच सीधे संवाद से खरीद प्रक्रिया और कारोबारी अवसरों को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी। उन्होंने उद्यमियों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने और उपलब्ध मार्गदर्शन और मौकों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
आरबीआई गंगटोक के उप महाप्रबंधक ने कहा कि सिक्किम के करीब 90 प्रतिशत एमएसएमई सूक्ष्म उद्यम हैं। उन्होंने उद्यमियों से औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था का अधिक उपयोग करने तथा ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम, यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस, पीएमईजीपी और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। इसके अलावा, बीएसएनएल के महाप्रबंधक सौरभ ने एमएसएमई के लिए डिजिटल और दूरसंचार सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए क्लाउड होस्टिंग, लीज्ड लाइन, इंटरनेट, मोबाइल और उद्यम सेवाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमों के उत्पादों और सेवाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसके अलावा क्रेता-विक्रेता संवाद और व्यावसायिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं। तकनीकी सत्रों में इरकॉन, आईओसीएल, एनएचपीसी, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और एनएचआईडीसीएल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सरकारी खरीद के अवसरों की जानकारी दे रहे हैं। पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े सत्रों में आईआरसीटीसी, सिक्किम पर्यटन और पश्चिम बंगाल पर्यटन सहित अन्य संस्थाएं भाग ले रही हैं। उद्घाटन सत्र में अतिथियों को स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हर्बेरियम फ्रेम और स्मृति चिह्न भेंट किए गए। अंत में एमएसएमई-डीएफओ गंगटोक के सहायक निदेशक ग्रेड-एक अक्षय मुरकुटे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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