गेजिंग : गेजिंग जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर तेनजिंग डेनजोंगपा ने जिला प्रशासनिक केंद्र के सम्मेलन कक्ष में की।
बताया गया कि यह बैठक भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सिक्किम सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में बुलाई गई थी। बैठक में पुलिस अधीक्षक छिरिंग शेरपा, एडीसी (विकास) एवं सदस्य सचिव सूरत कुमार गुरूंग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नामग्याल भूटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पर्यटन से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करना था, जो वर्ष 2016 के संशोधित नियमों का स्थान ले चुका है।
इस अवसर पर अध्यक्ष डेनजोंग्पा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तर तक इसकी प्रभावी क्रियान्विति हो। उन्होंने विशेष रूप से स्रोत स्तर पर कचरे के पृथञ्चकरण को अनिवार्य बताते हुए सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सूरत गुरुंग ने बताया कि नए नियम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आधुनिक तकनीक, सक्चत निगरानी और संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्रों को बढ़ावा देना है। बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श कर ठोस कार्ययोजना तैयार की। अंत में, सभी सदस्यों ने नियम 2026 को पूरी प्रतिबद्धता और दक्षता के साथ लागू करने का संकल्प लिया गया।
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