गंगटोक : ऐतिहासिक नाथुला मार्ग से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई)-2026 का सातवां जत्था पवित्र यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर गुरुवार को सकुशल गंगटोक लौट आया। इस अवसर पर सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) ने लौटे हुए श्रद्धालुओं के सम्मान में एक विशेष अभिनंदन समारोह आयोजित किया, जिसमें यात्रियों को यात्रा पूर्णता प्रमाणपत्र एवं पारंपरिक खादा भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह में एसटीडीसी के अध्यक्ष लुकेंद्र रसाइली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में यात्रा के दोनों संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) रवि जैन और गौरव भरिल, चिकित्सा अधिकारी, लौटे हुए यात्री, एसटीडीसी के उप महाप्रबंधक (प्रशासन) अमित कपिल छेत्री तथा निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान एक पुरुष और एक महिला यात्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत संतोषदायक अनुभव रही। उन्होंने कहा कि यात्रा के आरंभ से ही उन्हें घर जैसा आत्मीय वातावरण मिला।
यात्रियों ने एसटीडीसी की व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि भोजन की गुणवत्ता, परिवहन व्यवस्था, हर आवश्यकता पर त्वरित सहायता तथा सहयोगी कर्मचारियों की समर्पित सेवा ने पूरी यात्रा को सुरक्षित, सहज और यादगार बना दिया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
लायजन ऑफिसर रवि जैन और गौरव भरिल ने भी यात्रा के सफल संचालन के लिए एसटीडीसी की सराहना करते हुए कहा कि निगम के अधिकारी और कर्मचारी पूरे समय अनुभवी, विनम्र और सहयोगी रहे। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री की ओर से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। साथ ही उन्होंने सिक्किम के लोगों की गर्मजोशी, आतिथ्य और मित्रवत व्यवहार की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे यात्रा और अधिक सुखद एवं यादगार बन गई।
अपने संबोधन में एसटीडीसी के अध्यक्ष लुकेंद्र रसाइली ने सभी श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह उन सभी यात्रियों की आस्था, दृढ़ संकल्प और उपलब्धि को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जिन्होंने दुनिया की सबसे पवित्र और चुनौतीपूर्ण आध्यात्मिक यात्राओं में से एक को सफलतापूर्वक पूरा किया।
उन्होंने सभी यात्रियों को यात्रा पूर्णता प्रमाणपत्र एवं पारंपरिक खादा प्रदान करते हुए कहा कि ये प्रमाणपत्र केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि ऐसी अमूल्य धरोहर हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी गर्व के साथ संजोकर रखेंगी। उन्होंने यात्रियों को अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनसे आग्रह किया कि वे अपने अनुभव मित्रों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के साथ साझा करें तथा एसटीडीसी की सेवाओं और सिक्किम की उत्कृष्ट मेहमाननवाजी का प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे अधिक से अधिक लोग सिक्किम आएंगे और यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति तथा आत्मीय आतिथ्य का अनुभव करेंगे।
भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस समारोह में सभी यात्रियों ने एसटीडीसी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निगम की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, आरामदायक और अविस्मरणीय बन सकी। एसटीडीसी के अनुसार, सातवें जत्थे के सभी यात्री शुक्रवार को बागडोगरा हवाई अड्डे से अपने-अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होंगे। वे अपने साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा की अविस्मरणीय स्मृतियां, आध्यात्मिक संतुष्टि और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर लौटेंगे।
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