गंगटोक : ‘गंगटोक के ऐतिहासिक केंद्र का पुनर्जीवन : अवधारणा योजना’ शीर्षक योजना का विमोचन भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग तथा भारत सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में किया गया।
यह विमोचन 16 मई 2026 को राज्य दिवस के अवसर पर हुआ, जो सिक्किम के 50 वर्ष पूर्ण होने के समापन समारोह का हिस्सा था। राज्य की शहरी नियोजन सुधार पहलों के अंतर्गत तैयार की गई यह योजना गंगटोक के ऐतिहासिक केंद्र के सामने तेजी से हो रहे शहरीकरण, बढ़ती भीड़भाड़, आधारभूत संरचना की कमी, पर्यावरणीय संवेदनशीलता तथा सीमित भूमि उपलब्धता जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखती है।
अध्ययन में एमजी मार्ग, लाल बाजार और आसपास के क्षेत्रों सहित ऐतिहासिक केंद्र को शहर का सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक केंद्र बताया गया है। साथ ही, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप और टिकाऊ शहरी हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
यह दस्तावेज शहर के ऐतिहासिक विकास, शहरी स्वरूप, आधारभूत संरचना, यातायात व्यवस्था, विरासत स्थलों तथा सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के व्यापक अध्ययन पर आधारित है। योजना में विरासत संरक्षण, पैदल यात्री सुविधाओं के विकास, सार्वजनिक स्थानों के सुधार, टिकाऊ परिवहन व्यवस्था, आधारभूत संरचना उन्नयन, पर्यटन प्रोत्साहन तथा स्थानीय आजीविका को मजबूत करने जैसे कई एकीकृत उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, योजना में सिक्किम की सांस्कृतिक पहचान और पांग लहबसोल जैसे पारंपरिक उत्सवों के माध्यम से शहर की ब्रांडिंग पर भी जोर दिया गया है। साथ ही विरासत भ्रमण (हेरिटेज वॉक) और सांस्कृतिक सर्किट जैसी पहलें भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना है।
रिपोर्ट में हितधारकों की भागीदारी, नीति समन्वय रणनीतियों तथा राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के अनुरूप कार्यान्वयन ढांचे का भी उल्लेख किया गया है। इसी पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत रिज प्रीसिंक्ट परियोजना जैसी कई जमीनी पहलें पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, जो योजना के कार्यान्वयन की दिशा में प्रारंभिक प्रगति और संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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