गंगटोक : पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक कृषि को प्रोत्साहन देने की दिशा में पासिंगदांग ब्लॉक प्रशासनिक केंद्र द्वारा कनेक्ट टू अर्थ अभियान के अंतर्गत 500 से अधिक डल्ले खोरसानी पौधों का रोपण किया गया। डल्ले खोरसानी, जिसे राउंड चिली के नाम से भी जाना जाता है, सिक्किम की प्रसिद्ध जीआई टैग प्राप्त मिर्च है, जो अपनी तीखी स्वाद, विशिष्ट सुगंध और सांस्कृतिक महत्व के लिए जानी जाती है।
यह पौधारोपण अभियान बीएसी परिसर एवं निजी भूमि क्षेत्रों में अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से संपन्न हुआ। कार्यक्रम राज्य के मुख्यमंत्री की परिकल्पना कनेक्ट टू अर्थ अभियान का हिस्सा था, जिसे क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री पिंछो नामग्याल लेप्चा के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है। बताया गया कि मंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, बंजर भूमि के उपयोग और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के पुनर्जीवन पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में कई जनसहभागिता आधारित हरित पहलें संचालित हो रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि मिट्टी, प्रकृति और सतत जीवनशैली के प्रति लोगों के जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास भी था। इसी अभियान के तहत पूर्व चरण में लगाए गए आलू की फसल की भी कटाई की गई।
अधिकारियों के अनुसार सीमित संसाधनों और कर्मचारियों के स्वैच्छिक प्रयासों के बावजूद फसल की उपज काफी उत्साहजनक रही। डल्ले खोरसानी को सिक्किमी व्यंजनों और राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। अधिकारियों ने कहा कि तेजी से बढ़ते आधुनिकीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण लोग खेती और प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार की पहलें पारंपरिक कृषि विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पासिंगदांग बीएसी की यह पहल अब जनभागीदारी आधारित प्रशासनिक मॉडल के रूप में उभर रही है, जहां सरकारी संस्थाएं स्वयं पर्यावरण संरक्षण, जलवायु जागरूकता और ग्रामीण विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कृषि विभाग के उप निदेशक पदम गुरुंग तथा फील्ड असिस्टेंट सुश्री कुर्सोंग लेप्चा का आवश्यक सहयोग और कृषि संबंधी सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया।
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