ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग से बढ़ेगी कारीगरों की पहचान: धीरज सुबेदी

उद्यमिता तथा आजीविका विकास के लिए मिलेगा हर संभव सहयोग

सोरेंग : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ), गंगटोक की ओर से गुरुवार को सोरेंग स्थित रुर्बन सेंटर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ब्रांडिंग और मार्केटिंग विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नवोदित कारीगरों, उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को ब्रांडिंग, विपणन, पैकेजिंग, निर्यात की संभावनाओं तथा व्यवसाय के विस्तार में आधुनिक तकनीक के उपयोग के प्रति जागरूक करना था। दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सोरेंग जिला कलेक्टर धीरज सुबेदी उपस्थित थे। उनके साथ एडीसी डीआर बिष्ट, एडीसी (विकास) ओंगदी शेरपा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

इस अवसर पर डीसी सुबेदी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कारीगरों और उद्यमियों को बाजार की मांग समझकर अपने उत्पाद तैयार करने चाहिए। उन्होंने केवल मौसमी उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय निरंतर मेहनत, नवाचार और बेहतर विपणन के माध्यम से व्यवसाय को आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत इच्छुक उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने के लिए विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। लाभार्थियों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए समय पर ऋण चुकाने की अपील की और उद्यमिता तथा आजीविका विकास के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इससे पहले, एमएसएमई-डीएफओ, गंगटोक के कार्यालय प्रमुख निर्मल चौधरी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पादों की बाजार पहचान और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग का महत्व समझाना है। उन्होंने उद्यमियों से व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए एमएसएमई के ‘माई एमएसएमई’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी बिना जीएसटी पंजीकरण शुल्क के अमेजन पर अपने व्यवसाय का पंजीकरण कर ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्रम में सिक्किम विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक पीके दास ने ब्रांडिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग और मूल्य निर्धारण पर जानकारी दी। इंडिया पोस्ट की बीपीएम माधवी पाहन ने डाक विभाग के माध्यम से निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की। राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधि सुक्रम राई ने एमएसएमई के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर सत्र लिया।

बैंक प्रतिनिधियों और आवेदकों के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें ऋण और योजनाओं से संबंधित समस्याओं तथा शंकाओं का समाधान किया गया। इस दौरान, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि धीरज सुबेदी और अन्य अतिथियों ने लाभार्थियों को नए स्वीकृति आदेश भी सौंपे। कार्यक्रम का समापन एमएसएमई-डीएफओ, गंगटोक के सहायक निदेशक ग्रेड-2 राहुल कांबले के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में सोरेंग नगर पंचायत पार्षद नरेन सुब्बा, एसबीआई एलबीएम नितेश कुमार, नगर पंचायत एमईओ रोशन शर्मा, एसबीआई और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि, डीआईसी, इंडिया पोस्ट के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित थे।

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