गंगटोक : सिक्किम पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (आरएपी) के तहत वसूले जाने वाले शुल्क के लिए राजस्व प्राप्ति मद में संशोधन किया है। नई व्यवस्था एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
विभाग की ओर से 16 सितम्बर को जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान में एमएच-1452/पर्यटन/800/अन्य के तहत जमा किए जा रहे आरएपी शुल्क के लिए नया खाता निर्धारित किया गया है। अब आरएपी से संबंधित सभी शुल्क स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम में हेड ऑफ अकाउंट के अंतर्गत जमा किए जाएंगे।
विभाग ने सभी पर्यटन हितधारकों, परमिट प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक अक्टूबर से सभी जमा केवल संशोधित खाते में ही किए जाएं। विभाग का कहना है कि इससे राजस्व लेखांकन और मिलान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की विसंगति से बचा जा सकेगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था अंतरिम है और प्रस्तावित एकीकृत ऑनलाइन परमिट प्रणाली के शुरू होने तक लागू रहेगी। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद आरएपी शुल्क का भुगतान विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन भुगतान माध्यम से किए जाने की संभावना है।
सिक्किम सरकार पर्यटकों और अन्य संबंधित पक्षों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में सिंगल-विंडो परमिट प्रणाली विकसित कर रही है। संशोधित राजस्व खाता इसी व्यापक डिजिटल व्यवस्था की तैयारी के तहत उठाया गया प्रारंभिक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। यह अधिसूचना सिक्किम सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के संयुक्त निदेशक (परमिट) के अधिकार से जारी की गई है।
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