नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपमानजनक टिप्पणी ने भारत की सियासत में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले दिनों ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर भारत को नरक जैसी आपत्तिजनक संज्ञा दी गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस डोनाल्ड ट्रंप के लिए पीएम मोदी ने नमस्ते ट्रंप जैसे भव्य कार्यक्रम किए, वही आज भारत को गाली दे रहे हैं। खड़गे ने तंज कसते हुए पूछा, ‘मोदी जी, आपके प्रिय मित्र ने भारत के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, लेकिन आप पूरी तरह मौन हैं। आखिर आप किस बात से डरे हुए हैं?’ खड़गे ने दावा किया कि अमेरिका की तरक्की में भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में भारत सरकार की ओर से इस अपमानजनक टिप्पणी का जवाब नहीं देना समझ से परे है।
यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर बेहद संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब ट्रंप के इस पोस्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, हमने कुछ रिपोर्ट देखी हैं। मैं इस मामले को यहीं छोड़ता हूं। सरकार के इस वन-लाइनर जवाब पर नाराजगी जाहिर करते हुए खड़गे ने कहा कि भारत के 140 करोड़ लोगों के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई गई है, लेकिन विदेश मंत्रालय इसे टालने की कोशिश कर रहा है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारिक समझौतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, मोदी सरकार ने हर कदम पर भारत के हितों के साथ समझौता किया है। खड़गे ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बावजूद मोदी सरकार खामोश रही। युद्ध के दौरान मध्यस्थता के ट्रंप के दावों पर भी सरकार ने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। जब ट्रंप ने ‘ब्रिक्स’ को खत्म बताया था, तब भी प्रधानमंत्री उनके सामने मुस्कुराते नजर आए थे। खड़गे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री फिलहाल चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन उन्हें देश के अपमान पर प्रतिक्रिया देने के लिए थोड़ा वक्त निकालना चाहिए।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर माइकल सैवेज नामक एक रेडियो होस्ट का वीडियो रिपोस्ट किया था। इस वीडियो में अमेरिका के बर्थराइट सिटिजनशिप यानी जन्म के आधार पर नागरिकता कानून की आलोचना की गई थी। सैवेज ने आरोप लगाया था कि लोग कानूनी खामियों का फायदा उठाकर अमेरिका में बच्चे पैदा करते हैं ताकि उन्हें नागरिकता मिल सके। इसी दौरान उन्होंने भारत और चीन जैसे देशों के लिए ‘हेलहोल’ नरक का द्वार शब्द का इस्तेमाल किया था।
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