भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का पूजन-अर्चन भी किया। यात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान सोमनाथ को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान सोमनाथ केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान और सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्म के खिलाफ संघर्ष कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार विदेशी आक्रमणों का सामना करने के बावजूद सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति और आत्मसम्मान का प्रतीक बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “विरासत से विकास” की सोच को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार केवल सड़क, पुल, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक पर्यटन का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या, मथुरा, काशी और पश्चिम बंगाल के कालीघाट जैसे धार्मिक स्थलों पर देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश में सनातन संस्कृति के प्रति नया उत्साह दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर इतिहास में कई बार आक्रमण हुए, लेकिन सनातन संस्कृति की ध्वजा हमेशा ऊंची रही। उन्होंने कहा कि आज सोमनाथ मंदिर का भव्य स्वरूप भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से भगवान सोमनाथ से विश्व में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे होटल, परिवहन, दुकानदार और छोटे व्यापारियों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के विकास से स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं होतीं, बल्कि वे देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी बनती हैं। जब लोग एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं, तो वे एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को समझते हैं। इससे राष्ट्रीय एकात्मता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल और मंगलमय होने की कामना की।
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