विकास की सभी योजनाओं के केंद्र में रखे जाएं युवा : जैकब खालिंग

'जानकारी के अभाव में कोई विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे'

गंगटोक : मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के निर्देश पर सोमवार को गंगटोक स्थित मनन केंद्र के मिनी हॉल में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिक्किम सरकार के शिक्षा विभाग के स्टूडेंट्स वेलफेयर बोर्ड द्वारा समाज कल्याण विभाग के सहयोग से किया गया।

इसका उद्देश्य राज्यभर के विद्यार्थियों के बीच छात्रवृत्ति एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति व्यापक जागरुकता फैलाना तथा पात्र विद्यार्थियों तक इनका लाभ सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग एवं बिकाश बस्नेत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्टूडेंट्स वेलफेयर बोर्ड के अध्यक्ष सोनम छोपेल तथा बोर्ड के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग ने कहा कि सिक्किम के सभी पात्र विद्यार्थियों को केंद्र सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरुकता की कमी अथवा आवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण बड़ी मात्रा में उपलब्ध वित्तीय सहायता का उपयोग नहीं हो पाता और राशि वापस लौट जाती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सरकारी विभागों एवं जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता प्राप्त करने से पहले केंद्र सरकार की उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा उन्हें आवेदन के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाए।

जैकब खालिंग ने शिक्षा विभाग के स्टूडेंट्स वेलफेयर बोर्ड एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल की सराहना करते हुए सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा छात्रवृत्ति संबंधी जानकारी को गांव-गांव और प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने छात्र एवं युवा केंद्रित विकास दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को विकास की सभी योजनाओं के केंद्र में रखा जाना चाहिए। विद्यार्थियों एवं युवाओं के साथ निरंतर संवाद एवं सहभागिता ही जागरूक, सशक्त एवं भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी के निर्माण का आधार बनेगी।

स्टूडेंट्स वेलफेयर बोर्ड के अध्यक्ष सोनम चोपेल ने स्वागत भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के मार्गदर्शन में यह जागरूकता अभियान पूरे सिक्किम में छात्र कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं उनकी पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल 31 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा तथा सभी जनप्रतिनिधियों से अधिकतम पात्र विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मांगने से पहले सरकार की उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए, जिससे सार्वजनिक धन का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। श्री चोपेल ने विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों से प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर सीयूईटी एवं नीट के संबंध में भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सीयूईटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की सहायता तथा आवेदन के दौरान आने वाली कठिनाइयों के समाधान के लिए वेलफेयर अधिकारियों एवं एक केंद्रीकृत सेवा केंद्र की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री के पीआरओ रत्नमणि प्रधान ने मुख्यमंत्री सहायता योजना तथा सिडिको के माध्यम से संचालित व्यापक शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता की जानकारी दी। उन्होंने कई सफल उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी भी उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने में सफल हुए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल एवं उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाने का आग्रह करते हुए कहा कि व्यापक जागरूकता और प्रभावी पहुंच के माध्यम से उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है तथा आर्थिक अभाव के कारण कोई भी योग्य विद्यार्थी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव सुश्री बंदना राई ने विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति देते हुए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एसटी के विद्यार्थियों तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत एससी एवं ओबीसी के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजना पिछले तीन वर्षों से बंद है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति योजनाओं में मुख्य रूप से प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति शामिल हैं। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों के लिए तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 11 से आगे की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना तथा बैंक खाते का सत्यापन अनिवार्य है। बैंक खाते का सत्यापन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति भुगतान अस्वीकृत हो जाते हैं अथवा वापस लौट जाते हैं। उन्होंने एससी कंपोनेंट के अंतर्गत पात्र लाभार्थी परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विशेष प्रावधान की भी जानकारी दी। इसके तहत पात्र विद्यार्थी कक्षा 1 से ही छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस श्रेणी में व्यवसाय प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा, जबकि आय सीमा की शर्त लागू नहीं होगी। उन्होंने सभी विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से छात्रवृत्ति योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक सुश्री पेम्बा ल्हमू ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के लिए वित्तीय सहायता, सैनिक स्कूल गोलपाड़ा (असम) के लिए वित्तीय सहायता, हिम ज्योति स्कूल, देहरादून, बनस्थली विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने इन योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध वित्तीय सहायता तथा आवेदन प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर सही जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि योग्य एवं मेधावी विद्यार्थी उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग की सहायक निदेशक (आईटी) सुश्री सृजना कार्किडोली ने विभाग द्वारा तैयार छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया संबंधी वीडियो भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री के आरओ सुरजय प्रधान ने किया। प्रस्तुतियों के बाद आयोजित संवादात्मक सत्र में अधिकारियों एवं विधानसभा क्षेत्र स्तरीय प्रतिनिधियों ने विभिन्न छात्रवृत्ति एवं कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए विधानसभा क्षेत्र एवं जमीनी स्तर पर समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की विशेष सचिव सुश्री बंदना राई, शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक सुश्री पेम्बा ल्हमू, आईटीएस सदस्य डॉ नीरज अधिकारी, ओएसडी, सीएलसी के प्रतिनिधि तथा सिक्किम के सभी 32 विधानसभा क्षेत्रों के समाज कल्याण अधिकारी उपस्थित थे। जागरूकता कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि जानकारी एवं उचित मार्गदर्शन के अभाव में कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति अथवा वित्तीय सहायता योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।

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