नई दिल्ली । मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इंडिया गठबंधन के दल संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस देने का फैसला किया गया है।
विपक्षी दलों की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कथित तौर पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई मौकों पर कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन खबरों को लेकर कहा है कि आयोग के महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय होना प्रक्रिया का हिस्सा है।
ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्षी सांसद पहले भी संसद में नोटिस दे चुके हैं। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा के करीब 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे। अप्रैल में राज्यसभा में 73 सांसदों की ओर से एक और नोटिस दिया गया था।
विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और हटाने की मांग तेज कर दी है और 25 सितंबर को देशभर में राज्य चुनाव आयोगों के कार्यालयों तक मार्च का ऐलान किया है। इस पूरे घटनाक्रम से संसद में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर विपक्ष तथा सरकार के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
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