दार्जिलिंग : जीटीए चीफ अनित थापा ने घेराव की राजनीति का कड़ा विरोध किया है। गौरतलब है कि हाल ही में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रमुख बिमल गुरुंग ने 14 मई को शांतिपूर्ण विजय उत्सव निकालने और भ्रष्टाचार के विरोध में लालकोठी का घेराव करने की घोषणा की थी।
आज इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जीटीए चीफ और भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (भागोप्रमो) के प्रमुख अनित थापा ने कहा, मैं घेराव की परंपरा का विरोध करता हूं। 14 मई को हम दार्जिलिंग में शांति रैली निकालेंगे।
आज जज बाजार स्थित भागोप्रमो के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक में पार्टी प्रमुख अनित थापा, केंद्रीय महासचिव अमर लामा सहित कई नेता मौजूद थे। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में थापा ने कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि बंगाल विधानसभा चुनाव में हमारी हार हुई है। हम अब तक तीन बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन इसका दोष मैं किसी और पर नहीं डालूंगा। इस बार बंगाल में परिवर्तन की लहर थी और उसका असर दार्जिलिंग पहाड़ पर भी पड़ा। पहाड़ की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए वोट दिया और मुझे इसे स्वीकार करना होगा।
उन्होंने माना कि दार्जिलिंग पहाड़ की जनता कई वर्षों से भाजपा को विश्वास के वोट के रूप में समर्थन देती आ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने पंचायत चुनाव में 90 प्रतिशत बोर्डों पर कब्जा किया था और जीटीए चुनाव में भी पूर्ण बहुमत हासिल कर बोर्ड बनाया था।
अनित थापा ने कहा, आज पहाड़ में जो स्थिति है, वह मेरे लिए नई नहीं है। 2017 का समय इससे कहीं अधिक भयावह था। हम उसी दौर से निकलकर यहां पहुंचे हैं। कालिम्पोंग पार्टी कार्यालय के दस्तावेज हमारे पास नहीं हैं, इसलिए अब नया कार्यालय बनाया जाएगा। लेकिन हम लड़ाई-झगड़े के रास्ते पर नहीं जाएंगे। यदि हम संघर्ष और हिंसा की ओर बढ़ते हैं तो जनता को परेशानी होगी। 2017 के बाद पहाड़ में शांति लौटी है और हमें इसे बनाए रखना होगा।
जीटीए को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, अगर जीटीए खत्म होता है तो वह चुनावी प्रक्रिया के जरिए ही होगा। जीटीए एक संवैधानिक व्यवस्था है। अगर सरकार इससे बेहतर व्यवस्था लाती है तो मुझे खुशी होगी और मैं चुनाव लड़ूंगा। जो चुनाव जीतेगा, वही शासन चलाएगा। लेकिन 14 मई को लालकोठी घेरने की बात कही जा रही है, जिसका मैं विरोध करता हूं। मैं इससे डरने वाला भी नहीं हूं।
उन्होंने आगे कहा कि बिमल गुरुंग जीटीए से जुड़े मुद्दों पर संबंधित विभागों को पत्र लिख सकते हैं, लेकिन उन्हें 2011 से अब तक की स्थिति पर भी बात करनी चाहिए। इस दौरान अनित थापा ने बिमल गुरुंग के कार्यकाल पर भी कटाक्ष किया। अंत में अनित थापा ने कहा, बिमल गुरुंग 14 मई को लालकोठी घेरने की बात कर रहे हैं, जबकि उसी दिन हम दार्जिलिंग में शांति रैली निकालेंगे। दार्जिलिंग पहाड़ में शांति स्थापित करने के लिए हमने लंबा संघर्ष किया है। हम सभी पहाड़वासियों से अपील करते हैं कि पहाड़ को शांत बनाए रखें। यदि कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा तो अनित थापा उसके सामने खड़ा मिलेगा।
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