गंगटोक : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की अध्यक्षता में आज लोकभवन में राज्य की अग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दवा निर्माता कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, उनकी वर्तमान औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा करना और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना रहा।
बैठक के दौरान विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। एक खुली चर्चा के दौरान प्रतिनिधियों ने उद्योग के सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए, जिन्हें राज्यपाल ने ध्यानपूर्वक सुना और उन पर गहन विचार-विमर्श करते हुए समाधान का आश्वासन दिया है।
इसी क्रम में, फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने रेखांकित किया कि देश के औषधि निर्माण क्षेत्र में सिक्किम एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति में राज्य का बहुत बड़ा योगदान है। इसके साथ ही, प्रतिनिधियों ने राज्य के युवाओं को रोजगार प्रदान करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इन कंपनियों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में भी विस्तार से बताया।
संवाद के दौरान, राज्यपाल ने कंपनियों द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के उपयोग की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सीएसआर फंड का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय जन कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के स्तर को सुधारने में लगाया जाना चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल के आयुक्त-सह-सचिव जितेंद्र सिंह राजे, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की सचिव सुश्री कर्मा डी यूत्सो सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के मार्गदर्शन और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लोकभवन के इतिहास में इस प्रकार की यह पहली बैठक है। इस तरह के सीधे संवाद और समन्वय से राज्य में औद्योगिक विकास को एक नई गति मिलेगी और आपसी सहयोग और मजबूत होगा।
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