तीन दिवसीय चिंतन शिविर में शामिल हुए सिक्किम का प्रतिनिधिमंडल

गंगटोक : भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर का समापन चंडीगढ़ के एक होटल में हुआ। 24 से 26 अप्रैल तक चले इस शिविर में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार, राज्य मंत्री बीएल वर्मा सहित विभिन्न राज्यों के मंत्रियों की उपस्थिति रही। सिक्किम राज्य की ओर से विशेष सचिव सत्येन प्रधान और विशेष सचिव बंदना छेत्री ने भाग लिया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने देशभर में सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन, चुनौतियों और सुधारों पर व्यापक चर्चा की। सिक्किम के अधिकारियों ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत करते हुए कार्यान्वयन को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए।

24 अप्रैल को आयोजित उद्घाटन सत्र में कई महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू की गईं, जिनमें समावेश पोर्टल, एनएमबीए 2.0 ऐप और सेतु ऐप शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य सेवाओं की पहुंच, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ाना है। अगले दो दिनों में प्रतिभागियों को पांच समूहों में विभाजित कर दस प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। इनमें छात्रवृत्ति वितरण, नशा मुक्ति अभियान, श्रमिकों की गरिमा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, वित्तीय समावेशन और प्रारंभिक हस्तक्षेप जैसी महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

शिविर में चार मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें सामुदायिक भागीदारी और पीपीपीपी, अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच, जागरुकता बढ़ाना और योजनाओं की प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है।26 अप्रैल को आयोजित समापन सत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। साथ ही, केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने निष्कर्षात्मक टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। यह चिंतन शिविर सहकारी संघवाद को मजबूत करने और देशभर में सामाजिक न्याय योजनाओं के प्रभावी, समावेशी और सुचारु क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics