पटना। बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में नये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया। उन्होंने इस दौरान सदन को संबोधित किया। इस बीच आसन की ओर से कहा गया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बोलने के बाद अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बोलेंगे। उसके बाद सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव को लक्ष्य करते हुए कई सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वो किसी पाठशाला से नहीं बल्कि बिहार के 14 करोड़ लोगों के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। सम्राट चौधरी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पद किसी की बपौती नहीं है। तेजस्वी यादव अपनी बपौती से बाहर निकलें।
सम्राट ने कहा कि एक व्यक्ति या परिवार की सत्ता नहीं होती। 14 करोड़ बिहारियों के आशीर्वाद से आज मैं यहां बैठा हूं। मैं नीतीश कुमार जी का और पीएम नरेंद्र मोदी जी का। नितिन नवीन जी का और चिराग पासवान जी का आभारी हूं। मैं उपेंद्र कुशवाहा का आभारी हूं। मुझे मांझी जी का आशीर्वाद भी मिला है। तब यहां आकर बैठा हूं। कोई गलतफहमी में नहीं रहे। सम्राट ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती है। कोई पाठशाला से नहीं आता है। मैं तो यहां तक कहता हूं कि अगर लालू प्रसाद यादव का अत्याचार मुझ पर नहीं होता, तो मैं सीएम नहीं होता। नीतीश कुमार जी की इच्छा थी कि सम्राट चौधरी बिहार के सीएम हों, इससे इनकार नहीं करता हूं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि कोई भी पाठशाला से आता है। लेकिन ये लोकतंत्र है। यहां जनता तय करती है। कौन नेतृत्व करेगा। मैं आज यहां हूं तो यह बिहार की जनता के आशीर्वाद और नेताओं के सहयोग से संभव हुआ है। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका स्टार्ट ही संघर्ष से हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि उनके परिवार को लालू यादव के जमाने में जेल जाना पड़ा। सम्राट चौधरी इस दौरान लालू यादव पर विफर पड़े।
सम्राट चौधरी ने ये स्पष्ट कर दिया कि अगल लालू प्रसाद यादव का दौर नहीं होता, तो शायद वे राजनीति में नहीं होते। उन्होंने कहा कि लालू यादव का अत्याचार मुझे सियासत में आगे ले आया। उन्होंने कहा कि लोग जनता के आशीर्वाद से आगे बढ़ते हैं। मुझे बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया। उपमुख्यमंत्री बनाया। उसके बाद मैं गृहमंत्री भी बना। उन्होंने तेजस्वी को साफ कहा कि कोई भी गलतफहमी पालने की कोशिश नहीं करे।
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