मत्स्य प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धनपर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

पाकिम : पाकिम जिले के नामचेबुंग जीपीके हॉल में आज स्वच्छ मत्स्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, कोल्ड चेन एवं बाजार संपर्क सहायता पर आधारित तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र (गुवाहाटी) द्वारा मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत, सिक्किम सरकार के मत्स्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभागियों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य उन्हें मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना है। कार्यक्रम में आईटी विभाग के ओएसडी बुम छिरिंग योंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री की किसानों के उत्थान की परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतिभागियों से मत्स्य पालन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और आवश्यक कौशल अर्जित करने का आह्वान किया। जिला मत्स्य विकास अधिकारी गौरी मुखिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन के विभिन्न अवसरों से परिचित कराएगा और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेगा। उन्होंने एमएमएमयूवाई एवं पीएमएमएसवाई योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न पहल एवं लाभों की जानकारी देते हुए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

वहीं, एनएफडीबी गुवाहाटी के कार्यकारी सहायक शरद एसपी ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है और यह क्षेत्र लाभकारी है। उन्होंने कहा कि मत्स्य उद्योग एवं उससे जुड़े गतिविधियों में रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं।

कार्यक्रम से पूर्व किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने किसानों के साथ संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा पीएमएमएसवाई के तहत उपलब्ध सब्सिडी एवं लाभकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

इसके अलावा, 25 प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों के निर्माण संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर आईसीएआर-सीआईसीएफआर की ओर से ट्राउट मछली पालकों को परीक्षण किट एवं आइस बॉक्स वितरित किए गए। साथ ही उनके उपयोग एवं परीक्षण प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों के निर्माण हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारी तथा पाकिम जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।

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