कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता उजागर: किरेन रिजिजू

'महिलाओं का हक रोकने की सजा मिलेगी'

नई दिल्ली । लोकसभा में बीते दिन संविधान संशोधन से जुड़े विधेयक पारित नहीं हुए। इसे लेकर एक तरफ कांग्रेस जश्न मना रही है और उसकी तरफ से केंद्र सरकार पर कई आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर और महिलाओं को अधिकार न देने की मानसिकता के साथ कांग्रेस और विपक्ष ने संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने दिया। हम दुखी इसलिए हैं क्योंकि इससे देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है। देश की बागडोर संभालने और निर्णय प्रक्रिया में उन्हें प्रतिनिधित्व देने का प्रयास सफल नहीं हो सका। अब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, कल संसद में जो हुआ उसे देश ने देखा है। नारी शक्ति बिल, बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सका है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीति से देखा और राजनीति से प्रेरित होकर काम किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथ न आने के कारण नारी शक्ति बिल को दो तिहाई बहुमत हमें नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जिस तरह का काम किया है उसका जवाब अब उन्हें महिलाओं को देना होगा। उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को उनका हक दिला रहे थे लेकिन विपक्ष महिलाओं को आरक्षण न देकर इसका जश्न मना रहा है।

किरेन रिजिजू ने आगे कहा, कांग्रेस के साथ महिला विरोधी होने का जो ठप्पा लग गया है, वह कभी हटने वाला नहीं है। महिलाओं को अधिकार नहीं दिए जाने पर वे जश्न मना रहे हैं? बिल को गिराकर वे जश्न मना रहे हैं? इससे बड़ी महिला विरोधी मानसिकता क्या होगी? उन्होंने अपनी छवि साबित कर दी है। इस पर बहानेबाजी नहीं चाहिए। कांग्रेस को जश्न मनाने की जरूरत नहीं है। यह शर्मनाक बात है। हमने पूरा प्रयास किया। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देते हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, नारी शक्ति बिल खुद विपक्ष ने गिराया और अब बहानेबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बिल को लेकर किसी भी तरह की बहानेबाजी अब नहीं चलेगी। रिजिजू ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पार्टी की सोच ही महिला विरोधी है। कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के खिलाफ रही है। कांग्रेस अब कुछ भी कहे लेकिन उसके ऊपर महिला विरोधी दाग लग चुका है। कांग्रेस और उनके दल अब इससे बच नहीं पाएंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सब मालूम है। कांग्रेस के सांसद भी आकर मिले और उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा अच्छी थी, लेकिन हमारे नेता राहुल गांधी मानते ही नहीं हैं, उन्हें कोई समझा नहीं सकता, हम क्या करें? जहां तक परिसीमन की बात है तो उसका नियम तो कांग्रेस के समय चला आ रहा है। प्रक्रिया तो वही है, जो कांग्रेस के जमाने से चली आ रही है। सीटों में किस राज्य की कितनी भागीदारी होगी, इसके आंकड़े सभी राजनीतिक दलों से साझा किए गए थे। सभी दलों ने इसकी सराहना भी की थी। कांग्रेस को अब नाटक करने की जरूरत नहीं है। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि कांग्रेस जैसा राष्ट्रीय दल महिला आरक्षण का भी विरोध कर सकता है। हमें नहीं पता था कि वे इस हद तक चले जाएंगे। कांग्रेस ने इतना बड़ा पाप कर दिया। पहले तो इन्हें सजा मिलनी चाहिए।

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics