नई दिल्ली । लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दूसरे दिन शुक्रवार को काफी हंगामा देखने को मिला। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद राहुल और प्रियंका गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दोनों भाई बहन ‘झूठ की दुकान’ हैं। निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के इस बयान पर भी पलटवार किया कि बीजेपी जातीय जनगणना से बचने की कोशिश कर रही है और ओबीसी समुदाय के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बीजेपी सांसद ने कहा कि अतीत में कांग्रेस जाति जनगणना का विरोध करती रही है। निशिकांत दुबे ने दावा किया कि उस समय (2011) कांग्रेस का कहना था कि जाति जनगणना देश को बांट देगी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि जाति जनगणना कभी नहीं कराई जाएगी, चाहे उनकी सरकार रहे या न रहे।
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 17 अप्रैल, 1987 का ही वह दिन था जब राजीव गांधी पर पहली बार बोफोर्स के आरोप लगे थे। उन्होंने आगे कहा, 17 अप्रैल ही वह दिन भी था जब 1999 में कांग्रेस ने वाजपेयी सरकार को गिरा दिया था। बीजेपी सांसद ने कहा कि यह वही दिन है जब ओबीसी नेता सीताराम केसरी को सोनिया गांधी ने शौचालय में बंद कर दिया था।
झारखंड के गोड्डा से सांसद Nishikant Dubey ने जातिगत जनगणना के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले इस तरह की जनगणना के खिलाफ रही है। उन्होंने सोनिया गांधी और पी चिदंबरम के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले कहा था कि जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है और इससे देश में विभाजन हो सकता है। साल 2011 में सोनिया गांधी, चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह ने इस प्रक्रिया का विरोध किया था।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि आप डिलिमिटेशन की बात कर रहे हैं? अगर महिला आरक्षण एक्ट 2023, जैसा कि सरकार ने नोटिफाई किया है, लागू होता है, तो हम इसे कल से 543 सीटों के आधार पर लागू करने के लिए तैयार हैं और ऐसा होगा। दक्षिणी राज्यों में सीटें कम होने के लिए कौन जिम्मेदार होगा? वे सीटों का नुकसान उठाएंगे और इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे।
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