गंगटोक : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने आज प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी के बीच कुपुप स्थित बाबा हरभजन सिंह मंदिर का दौरा किया और अतिथि प्रांगण का उद्घाटन।
राज्यपाल ने मंदिर परिसर में हाल ही में किए गए सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। इस क्षेत्र में राज्यपाल के प्रयासों से सीएसआर निधि का प्रभावी उपयोग हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप बाबा हरभजन सिंह मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र आज नई सुविधाओं और परिवर्तित स्वरूप के साथ पर्यटकों एवं स्थानीय जनों के लिए प्रेरणादायी स्थल के रूप में उभरा है।
इसी कड़ी में राज्यपाल ने आज अतिथि प्रांगण का उद्घाटन किया। मोतीलाल ओसवाल ग्रुप ने अपनी सीएसआर पहल के तहत बाबा हरभजन सिंह मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के उन्नयन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल ने मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है।
इस पहल के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके साथ ही गंजू लामा वार मेमोरियल का निर्माण तथा पर्यटकों की सुविधा हेतु एक आधुनिक कैफेटेरिया भी स्थापित किया गया है, जिसका संचालन स्थानीय महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत अवसर मिला है और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।
मंदिर परिसर में एक युद्ध संग्रहालय की स्थापना भी की गई है, जो सिक्किम के वीर सपूत और विक्टोरिया क्रॉस प्राप्तकर्ता कैप्टन गंजू लामा को समर्पित है। इस संग्रहालय में गंजू लामा जी की वीरगाथा के साथ-साथ भारतीय सेना में सिक्किम के अन्य बहादुर सैनिकों की प्रेरणादायी कहानियां भी प्रदर्शित की गई हैं। यह संग्रहालय आने वाले पर्यटकों को प्रेरित करेगा और देशभक्ति तथा सैन्य इतिहास के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत बनाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने भारतीय सेना के वीर सैनिकों से मुलाकात की, उनके साथ संवाद किया और विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत उपयोगी वस्तुएं वितरित कीं। राज्यपाल महोदय ने सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट सेवा भावना और मातृभूमि के प्रति उनकी निःस्वार्थ निष्ठा की सराहना की व बाबा हरभजन सिंह मंदिर में सभी के सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान वीर शाहिद सैनिकों को पुष्पांजलि भी माननीय राज्यपाल द्वारा अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि यह क्षेत्र न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के साहस और वीरता का प्रतीक है, बल्कि बाबा हरभजन सिंह की लोकप्रियता और सैनिकों की निष्ठा यह भी सिद्ध करती है कि हमारी सेना सुरक्षा की प्रहरी होने के साथ-साथ आस्था और सेवा की भी जीवंत प्रतीक है।
लोकभवन लौटते समय मार्ग में हिमस्खलन का सामना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा दिल को छू लेने वाला अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान इन दुर्गम, बर्फीली और विषम परिस्थितियों वाली ऊँची पहाड़ियों में प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करते हैं और मातृभूमि की रक्षा में निरंतर तत्पर रहते हैं। उनकी निःस्वार्थ सेवा और अदम्य साहस वास्तव में राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर 63 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर अमित शर्मा, सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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