नेपाली समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का प्रतीक है वैशाखी पर्व : लेप्चा

गंगटोक : नेपाली साहित्य परिषद, सिक्किम के तत्वावधान में गंगटोक के डेवलपमेंट एरिया स्थित एससी भवन में आज वैशाखी पर्व धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार कुंगा नीमा लेप्चा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि नेपाली साहित्य परिषद, सिक्किम के अध्यक्ष हरि ढुंगेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मुख्य अतिथि कुंगा नीमा लेप्चा ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वैशाखी पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि नेपाली समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे पर्व समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में कंचनजंघा राज्य विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ कृष्ण कुमार सापकोटा ने वैशाखी पर्व के महत्व और विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पर्व नेपाली समाज की पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत के विभिन्न राज्यों में इस पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है, जैसे मेष संक्रांति, वैशाखी, नववर्ष, पंजाब-हरियाणा में सिख नववर्ष, बिहार में सतुआनी, तमिलनाडु में पुथांडु, पश्चिम बंगाल में पोइला वैशाख, केरल में विषु, असम में बोहाग बिहू और ओडिशा में पणा संक्रांति। साथ ही उन्होंने ग्रेगोरियन संवत और विक्रम संवत के बारे में भी जानकारी दी।

इस अवसर पर वर्ष 2025 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रप्रकाश भट्टराई को अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने साहित्यिक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम के सभाध्यक्ष एवं परिषद के अध्यक्ष हरि ढुंगेल ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए परिषद द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत भाषण परिषद के उपाध्यक्ष नीलम न्यौपाने ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रत्न लक्सम सुब्बा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में विभिन्न कवियों द्वारा कविता पाठ तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा मनमोहक सांगीतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शंकरदेव ढकाल, वरिष्ठ साहित्यकार सीपी भट्टराई, आईपीआर अध्यक्ष अशीत राई, साहित्य अकादमी सिक्किम के अध्यक्ष प्रवीण राई जुमेली, वरिष्ठ साहित्यकार रुद्र पौड्याल, नाटककार चुन्नीलाल घिमिरे, गंगटोक जिला अध्यक्ष बलराम अधिकारी सहित सिक्किम सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, साहित्यकार, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

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