गंगटोक : सिटिजन एक्शन पार्टी-सिक्किम (सीएपी) के महिला कल्याण परिषद् की अध्यक्ष वीणा शर्मा ने भारत सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इसे महिलाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभा की सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो केंद्र और सभी राज्यों में लागू होगा। देश में लगभग 48 प्रतिशत महिला आबादी होने के बावजूद अब तक केंद्र में केवल 15 प्रतिशत और राज्यों में 9 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। वीणा शर्मा ने कहा कि शिक्षित, सक्षम और योग्य होने के बावजूद महिलाओं के लिए राजनीति का क्षेत्र अब तक काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण रहा है। समाज में आज भी पुरुषप्रधान सोच हावी है, जिसके कारण महिलाओं को चुनाव लड़ने में अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। संपत्ति का उनके नाम पर न होना भी उनकी राजनीतिक भागीदारी में एक बड़ी बाधा रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ऐसे में राजनीति में उनकी बढ़ती भागीदारी देश के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रवांडा, क्यूबा और यूएई जैसे देशों में 33 प्रतिशत से अधिक महिला आरक्षण है। विशेष रूप से रवांडा, जहां लगभग 61 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है, आज शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला अधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। वीणा शर्मा ने सभी राज्यों से अपील की कि वे इस कानून को ईमानदारीपूर्वक लागू करें, ताकि इसका वास्तविक लाभ महिलाओं तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि अब महिलाओं के सामने केवल पद प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वहन करना भी एक बड़ी चुनौती होगी। उन्हें अपने अधिकारों का सदुपयोग करते हुए देश और समाज के हित में सशक्त भूमिका निभानी होगी। वीणा शर्मा ने विश्वास जताया कि महिलाओं की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और नीति-निर्माण में भागीदारी से देश को व्यापक लाभ मिलेगा और नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश निर्माण में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करेगा।
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