जाति-आधारित भेदभाव को मिटाने में डॉ. अंबेडकर ने निभाई प्रमुख भूमिका : राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर

गंगटोक : भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज सिक्किम विधानसभा परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा अखिल सिक्किम अनुसूचित जाति कल्याण संघ के समन्वय से आयोजित किये गये इस कार्यक्रम में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संविधान के मुख्य निर्माता तथा सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक के रूप में उनके विशाल योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. अंबेडकर ने एक ऐसे समाज की परिकल्पना की थी जो समानता, गरिमा और न्याय पर आधारित हो। उन्होंने रेखांकित किया कि सच्चा लोकतंत्र राजनीतिक समानता के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक न्याय पर भी टिका होता है।

राज्यपाल ने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जाति-आधारित भेदभाव को मिटाने और स्वतंत्रता, समानता तथा बंधुत्व के सिद्धांतों को मौलिक अधिकारों के रूप में सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने समावेशी विकास, वयस्क मताधिकार, श्रमिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें छात्रवृत्तियां, फेलोशिप और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। इस दिशा में, सिक्किम सरकार भी सक्रियता से कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ-साथ शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत और जमीनी स्तर पर अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित कर रही है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुसूचित जातियों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करने वाले कानूनों के कड़ाई से कार्यान्वयन पर जोर देते हुए कानूनी सहायता और जागरुकता कार्यक्रमों को भी महत्व दिया। उन्होंने सामाजिक सद्भाव तथा समावेशिता को बढ़ावा देने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सभी से एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए अपने विचारों और कार्यों में डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने का आग्रह किया।

इससे पूर्व, दीप प्रज्वलन और बौद्ध भिक्षुओं के मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में गणमान्य लोगों ने डॉ. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ. भूमिका पौड्याल ने डॉ. अंबेडकर की संक्षिप्त जीवनी प्रस्तुत की। वहीं, समाज कल्याण सचिव सारिका प्रधान ने अपने स्वागत भाषण में बौद्धिक उत्कृष्टता, न्याय तथा मानवीय गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में डॉ. अंबेडकर की चिरस्थायी विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह उल्लेख किया कि उनके आदर्श सिक्किम में समावेशी नीतियों और शासन को निरंतर दिशा प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान, “भीम चेतना” नामक प्रकाशन का विमोचन किया गया, जिसके बाद “फुटस्टेप्स” नामक कविता संग्रह का भी विमोचन हुआ। साथ ही, आयोजन संस्था द्वारा कई विशिष्ट लोगों को सम्मानित भी किया गया। इनमें पश्चिम पांडाम के विधायक एलबी दास, सालघारी-ज़ूम के विधायक मदन सिंचुरी, मुख्य सचिव आर तेलंग और पाकिम एसपी पारू रुचाल शामिल थीं। उनके साथ, कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समुदाय के राज्य-स्तरीय टॉपर्स को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सिक्किम विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री, संसद सदस्य, विधायक सह सलाहकार और सिक्किम सरकार के विभिन्न निगमों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।

इससे पहले, कार्यक्रम का शुभारंभ शहरी विकास विभाग के सहयोग से कोटक महिंद्रा बैंक की सीएसआर पहल के तहत दो एडवांस्ड लाइफ सेविंग मशीनों से सुसज्जित आधुनिक एंबुलेंस के फ्लैग ऑफ किया गया। ये एंबुलेंस एसटीएनएम अस्पताल को समर्पित की गईं, जो राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसी अवसर पर कोटक महिंद्रा बैंक ने अपनी सीएसआर फंडिंग के माध्यम से 5 सरकारी स्कूलों के समग्र विकास में सहयोग देने का प्रस्ताव रखा है। इनमें से 2 स्कूलों को स्वयं माननीय राज्यपाल ने गोद लिया है। इसके बाद राज्यपाल सहित उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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