नाथुला से फिर दौड़ेगा व्यापार, 1 अगस्त से सीमा कारोबार शुरू

गंगटोक : भारत-चीन सीमा पर स्थित ऐतिहासिक नाथुला दर्रे से सीमा व्यापार आगामी 1 अगस्त 2026 से फिर शुरू होने जा रहा है। छह वर्ष से अधिक समय बाद व्यापारिक गतिविधियों की बहाली से सिक्किम की सीमा अर्थव्यवस्था को बड़ा संबल मिलने की उम्मीद है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और व्यापार फिर से शुरू करने का निर्णय अंतिम रूप ले चुका है।

पूर्वी सिक्किम में स्थित नाथुला दर्रा सदियों तक प्राचीन सिल्क रूट का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह व्यापारिक मार्ग बंद हो गया था। करीब 44 वर्ष बाद 2006 में दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार दोबारा शुरू हुआ, लेकिन 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण इसे फिर स्थगित कर दिया गया। तब से यह मार्ग बंद था।

नाथुला व्यापार मार्ग को फिर से खोलने का निर्णय अगस्त 2025 में आयोजित भारत-चीन विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं वार्ता के बाद लिया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने की थी। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सिक्किम के नाथुला, हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला और उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रों के माध्यम से सीमा व्यापार दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई थी।

इससे पहले मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम विधानसभा में कहा था कि नाथुला व्यापार जून से शुरू होने की संभावना है। हालांकि अब सूत्रों ने पुष्टि की है कि 1 अगस्त से व्यापारिक गतिविधियां औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएंगी। नाथुला व्यापार की बहाली से विशेष रूप से करीब 600 पंजीकृत भारतीय व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी आजीविका सीमा पार व्यापार पर निर्भर है। लंबे समय से व्यापार बंद रहने के कारण स्थानीय कारोबारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। ऐसे में इस फैसले को सीमा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष नाथुला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा भी पांच वर्ष के अंतराल के बाद दोबारा शुरू हुई थी। अब सीमा व्यापार की बहाली को दोनों देशों के बीच सीमावर्ती संपर्क और आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बीच नाथुला तक संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। रोंगली से मेंला तक नए राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे नाथुला और भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र तक आवागमन आसान होगा। इससे न केवल सीमा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

सीमा व्यापार की पुनर्बहाली को सिक्किम के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद नाथुला एक बार फिर सीमावर्ती आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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