इंद्रजात्रा में दिखी नेवार संस्कृति की समृद्ध विरासत

इंद्रजात्रा सद्भाव और सामुदायिक एकता का पर्व: मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग

गंगटोक : सिक्किम नेवार : गुठी (एसएनजी) के तत्वावधान में आयोजित राज्यस्तरीय इंद्रजात्रा समारोह-2026 के चौथे दिन शुक्रवार को नेवार समुदाय की धार्मिक आस्था, संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। भानु उद्यान में कुमारी पूजा के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जबकि मनन केंद्र में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

भानु उद्यान में धार्मिक विधि-विधान के साथ कुमारी पूजा संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने पूजा में हिस्सा लेकर सिक्किम की शांति, सुरक्षा, समृद्धि और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने विधिवत रथ पूजन किया और भानु उद्यान से रथयात्रा का शुभारंभ किया। रथयात्रा तिब्बत रोड और एमजी मार्ग होते हुए मनन केंद्र पहुंची। इसमें मुख्यमंत्री, अतिथियों, आयोजक समिति और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

मनन केंद्र में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने नेवार समुदाय को इंद्रजात्रा की शुभकामनाएं देते हुए भगवान इंद्र, गणेश, कुमारी सहित अन्य देवी-देवताओं से प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इंद्रजात्रा प्रकृति, कृषि, स्मरण, सामुदायिक भावना और आपसी सौहार्द का पर्व है, जो पारस्परिक सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम के विकास में नेवार समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने शुरुआती दौर के नेवार अग्रदूतों लक्ष्मीदास प्रधान और चंद्रवीर प्रधान के प्रशासन, कृषि, व्यापार, तांबा खनन और सिक्कों के निर्माण में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन, वाणिज्य, कला-संस्कृति, खेल और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेवार समुदाय के योगदान ने सिक्किम के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिदृश्य को समृद्ध किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी समुदायों के समावेशी विकास और सशक्तिण के लिए काम कर रही है। समुदायों को अपनी संस्थाओं को मजबूत करने तथा सांस्कृतिक और सामाजिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा सहायता योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सिक्किम के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए सहायता दी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिक्किम नेवार – गुठी को भूमि का पर्चा भी सौंपा। साथ ही प्रथम सिक्किम ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर-2026 के लोगो का अनावरण किया गया। समारोह में नेवार समुदाय के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। सूर्यवीर तुलाधर, गोविंद प्रसाद प्रधान और गणेश कुमार प्रधान को नेवार रत्न सम्मान-2026 प्रदान किया गया, जबकि सुचितना तमांग को भांजी भृकुटी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस दौरान ‘स्मारिका-2026’, रिचुअल बुक और नेवार इंद्रजात्रा गीत का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में कुमारी नृत्य, बज्रयोगिनी नृत्य, नेवारी लोकनृत्य, धिमे नृत्य और पंच कुमारी नृत्य की प्रस्तुतियों ने नेवार समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।

सिक्किम नेवार गुठी के महासचिव गगन प्रधान ने समुदाय की संस्कृति, परंपरा, खान-पान, इतिहास और ज्ञान परंपराओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं इंद्रजात्रा समारोह समिति के अध्यक्ष धीरज प्रधान ने इस वर्ष की थीम ‘आइए एकजुट हों, अपनी विरासत को अपनाएं, जुड़ें और उसे जानें’ के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का आह्वान किया। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष एमएन शेरपा, उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक-सह- सलाहकार, सांसद, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नेवार समुदाय के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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