एआई और डिजिटल तकनीक से नया स्वरूप लेगा सिक्किम का पर्यटन : मंत्री छिरिंग टी. भूटिया

गंगटोक : विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सिक्किम के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री छिरिंग टी. भूटिया ने राज्यवासियों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और विश्वभर के पर्यटन प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार सिक्किम को जिम्मेदार, टिकाऊ और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भूटिया ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस का विषय ‘पर्यटन को नया स्वरूप देने के लिए डिजिटल कार्ययोजना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ पर्यटन के भविष्य में तकनीक और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग गोले के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सिक्किम की पहचान को और व्यापक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि सिक्किम इंस्पायर्स कार्यक्रम के तहत पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल विपणन संबंधी कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य पर्यटन उद्यमों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ टिकाऊ, समावेशी और सुलभ पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार से यात्रा की योजना बनाने, पर्यटकों के अनुभव, प्रचार-प्रसार और पर्यटन स्थलों के प्रबंधन में व्यापक बदलाव आ रहे हैं। सिक्किम इन अवसरों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री भूटिया ने कहा कि राज्य सरकार सामुदायिक पर्यटन नीति एवं रणनीति तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी तथा रोजगार, स्वरोजगार और जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा होंगे। नए पर्यटन स्थलों के विकास और स्थानीय त्योहारों को बढ़ावा देने से पर्यटन से होने वाली आय का अधिक हिस्सा राज्य के भीतर ही बनाए रखने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि सिक्किम एक ऐसी जगह है जो सबसे अलग है। हमारे पास प्राकृतिक, सांस्कृतिक और विरासत से जुड़ी ऐसी असाधारण संपत्तियां हैं जो हमें ग्लोबल टूरिज्म के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम अपने हेरिटेज टूरिज्म और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म को और बेहतर बना रहे हैं ताकि पर्यटकों की असली और गहरे सांस्कृतिक अनुभवों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। उनके अनुसार, सिक्किम में साहसिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, पर्वतारोहण, विरासत पर्यटन, प्रकृति आधारित पर्यटन, स्वास्थ्य एवं कल्याण पर्यटन तथा सामुदायिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठी परंपराएं, प्राकृतिक सुंदरता और आतिथ्य सत्कार इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।

सरकार पर्यावरण अनुकूल पर्यटन, बेहतर संपर्क व्यवस्था, पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से करीब से परिचित कराने के लिए विरासत एवं सामुदायिक पर्यटन को विकसित किया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस पर मंत्री ने सभी हितधारकों से मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यटन सिक्किम की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। विकास के साथ प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने सिक्किम को हरित, समावेशी, डिजिटल रूप से सशक्त और जिम्मेदार पर्यटन का वैश्विक आदर्श बनाने का संकल्प दोहराया।

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