गंगटोक : सिक्किम विधानसभा के वार्षिक बजट सत्र 2026-27 के पुनः आरंभ होने पर गुरुवार को सदन में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ‘एकता में विविधता’ की अनूठी झलक देखने को मिली। विधानसभा के सदस्य लेप्चा, भूटिया और नेपाली समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा में सदन पहुंचे, जिससे पूरे सदन का माहौल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर विधायकों ने अपनी पारंपरिक पोशाकों के माध्यम से सिक्किम की विविध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक पहचान का प्रतिनिधित्व किया। यह पहल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति सम्मान और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सौहार्द का प्रतीक बनी।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस अवसर को राज्य के लिए गर्व और सम्मान का क्षण बताते हुए कहा कि विधानसभा के भीतर सिक्किम की विविध सांस्कृतिक पहचान का ऐसा जीवंत प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह केवल पारंपरिक वेशभूषा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों के प्रति सम्मान भी है जिन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना है। विभिन्न समुदायों ने हमेशा मिल-जुलकर राज्य के विकास और समृद्धि में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रति नई प्रेरणा जगाते हैं।
बजट सत्र के दौरान पारंपरिक परिधानों में विधायकों की उपस्थिति ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए भी सिक्किम अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समान महत्व देता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करेगी।
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