जैविक खेती के मॉडल को नई मजबूती देने की तैयारी में सिक्किम

युवाओं को कृषि और उद्यमिता से जोड़ने की जरूरत: मंत्री गुरुंग

गंगटोक : सिक्किम में किसानों के कल्याण, जैविक खेती को प्रोत्साहन और मिट्टी के स्वास्थ्य के संरक्षण की दिशा में शुक्रवार को राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (एसएएमईटीआई), लिंगदिंग में ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ एवं ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया। कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र, पूर्वी सिक्किम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा तथा मत्स्य विभाग के मंत्री पूरन कुमार गुरुंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर किया गया। इस किस्त के तहत देशभर के 9.34 करोड़ पात्र किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जानी है। योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में देश के किसानों को कुल 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की राष्ट्रव्यापी पहल ‘खेत बचाओ अभियान’ का भी शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अनावश्यक एवं अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करना है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री पूरन कुमार गुरुंग ने सिक्किम को जैविक राज्य के रूप में मिली विशिष्ट पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित जनसंख्या वाला सिक्किम टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक सहायता, सब्सिडी, उन्नत बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं और संसाधनों का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंचे।

मंत्री ने कृषि उत्पादों के उचित मूल्य निर्धारण और पारंपरिक खेती से युवाओं के दूर होते जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी से कृषि को रोजगार एवं उद्यमिता के एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने तथा आधुनिक तकनीकों को खेती से जोड़ने की अपील की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जिला एवं पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने और किसानों की जमीनी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।

कृषि एवं बागवानी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदीप कुमार ने सिक्किम में कृषि सर्वेक्षणों और विभागीय पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में कुछ लोगों के बीच खेती की आर्थिक व्यवहार्यता को लेकर चिंताएं हैं और किसानों की आय बढ़ाना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने इजरायल जैसे देशों की कृषि व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित जल संसाधनों जैसी चुनौतियों के बावजूद आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और नवाचार के माध्यम से कृषि को लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से पारंपरिक सोच से आगे बढक़र किसानों की आमदनी में वृद्धि को कृषि विकास की सफलता का प्रमुख पैमाना बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को कृषि सचिव राजेंद्र पी थापा और बागवानी विभाग के सचिव टीटी भूटिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर सिक्किम की महिला कृषि प्रतिनिधियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया। 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के दौरान कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महिला किसान एवं एफपीओ अध्यक्ष सरिता मंगर तथा एसएएमईटीआई निदेशक, अतिरिक्त कृषि निदेशक और पीएम-किसान एवं ‘खेत बचाओ अभियान’ की राज्य नोडल अधिकारी रचना गुरुंग को विशेष राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया था।

कार्यक्रम के प्रारंभ में रचना गुरुंग ने अपने स्वागत में सिक्किम में पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के लगभग 36,323 लाभार्थियों को अब तक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 97.92 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गंगटोक जिले के बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लिया।

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