गेजिंग : पश्चिम सिक्किम के रिंबी-सिंगलिताम क्षेत्र में भूस्खलन से बड़े पैमाने पर जमीन धंसने और बह जाने के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का विस्तृत आकलन किया। गेजिंग के डीसी तेनजिंग डी डेन्जोंग्पा के नेतृत्व में मंत्री सह क्षेत्रीय विधायक छिरिंग टी भूटिया और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शनिवार को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान भूस्खलन से जमीन, मकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के साथ-साथ आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों पर मंडरा रहे खतरे का जायजा लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आकलन के आधार पर राहत, पुनर्वास और आपदा न्यूनीकरण के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। भूस्खलन से सिंगलिताम गांव के नीचे और रिंबी क्षेत्र के ऊपर का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया है। सिंगलिताम के आठ और रिंबी के चार मकानों को फिलहाल अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र में चिन्हित किया गया है। रिंबी बस्ती के ऊपर हुए भूस्खलन के कारण पूरा क्षेत्र अभी भी संवेदनशील बना हुआ है। हालांकि, अब तक किसी व्यक्ति या पशुधन के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सिंगलिताम और रिंबी में दो अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। कुल 11 प्रभावित परिवारों को एहतियातन विस्थापित किया गया है। सिंगलिताम के आठ गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बनाए गए राहत शिविर में रखा गया है, जबकि रिंबी के चार परिवारों को वहां स्थापित राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया है। अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के परिवारों को उनके रिश्तेदारों के घरों में भेजा गया है। रिंबी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को भी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
योक्सम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा टीम ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की जांच की तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। प्रभावित परिवारों को आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। डीसी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को राहत शिविरों में पर्याप्त राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं, बिजली विभाग को आवश्यक विद्युत कनेक्शन और संबंधित सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया। निरीक्षण के बाद रिंबी में प्रभावित ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। इसमें जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं और तत्काल आवश्यक सहायता से संबंधित मांगों को सुना।
डीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने लोगों से मानसून के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में प्रशासन की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास जारी हैं।
प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए मंत्री सह क्षेत्रीय विधायक छिरिंग टी भूटिया ने उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की और पुनर्वास के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लागू प्रावधानों के तहत आवश्यक सहायता, पुनर्वास और सुरक्षा संबंधी उपाय किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा दीवार समेत अन्य सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे। मंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों से पुनर्वास प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करने और मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं अप्रत्याशित होती हैं और कभी भी स्थिति गंभीर हो सकती है। जिला प्रशासन और राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है तथा उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री ने राहत शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और राहत शिविरों की स्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि आवश्यकता और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों की सराहना की। इससे पहले संबंधित जीपीयू के पंचायत अध्यक्ष मंगल राई ने अधिकारियों को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, ग्रामीणों की चिंताओं और तत्काल आवश्यक सहायता के बारे में जानकारी दी।
निरीक्षण दल में मंत्री छिरिंग टी. भूटिया, गेजिंग जिला परिषद अध्यक्ष डीएस लिम्बू, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के सलाहकार एनबी लिम्बू, गेजिंग की एसएसपी पारू रुचाल, अतिरिक्त निदेशक (बागवानी/कृषि) कर्मा शेरपा, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपी सुब्बा, एएसपी गेजिंग, जिला योजना अधिकारी, युक्सम के बीडीओ, ग्रामीण विकास, सड़क एवं पुल तथा पीएमजीएसवाई के अभियंता, वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी, रिंबी-टिंगब्रुम जीपीयू के पंचायत सदस्य, एसडीएमए सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे।
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