जोरथांग : विशेष ओलंपिक भारत की सिक्किम शाखा ने शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा कार्यक्रम के समावेशी शिक्षा प्रभाग के सहयोग से सोमवार को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए समावेशी खेलों एवं क्रीड़ाओं पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का शीर्षक शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों एवं विशेष शिक्षकों के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित समावेशी खेलों एवं क्रीड़ाओं का प्रशिक्षण था। यह कार्यक्रम जोरथांग स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। सिक्किम राज्य में विशेष ओलंपिक की भूमिका बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों और युवाओं को खेलकूद तथा शारीरिक गतिविधियों में समान अवसर प्रदान करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। व्यवस्थित प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक मंचों के माध्यम से विशेष ओलंपिक भारत की सिक्किम शाखा राज्यभर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शारीरिक तंदुरुस्ती बढ़ाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और सामाजिक समावेश को प्रोत्साहित करने में योगदान दे रही है।
संगठन सिक्किम में समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समावेशी खेलों एवं क्रीड़ाओं के लिए शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, अनुदेशकों और विशेष शिक्षकों को प्रशिक्षित कर विशेष ओलंपिक भारत कक्षा में होने वाली पढ़ाई और शारीरिक विकास के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास कर रहा है। समावेशी खेल गतिविधियों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी कुशलता, सामूहिक रूप से काम करने की भावना, अनुशासन और भावनात्मक स्वास्थ्य का विकास होता है। साथ ही, इन गतिविधियों से सामान्य शिक्षकों में भी समावेशी शिक्षा के सिद्धांतों के प्रति जागरुकता बढ़ती है। खेल और शिक्षा के बीच यह समन्वय राज्य में समावेशी शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत विशेष ओलंपिक भारत की सिक्किम शाखा के क्षेत्रीय निदेशक जीसी खनाल के स्वागत भाषण से हुई।
उन्होंने खेलों के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद खेल एवं युवा कार्य विभाग के कार्यक्रम प्रबंधक एकलव्य छेत्री ने सिक्किम में विशेष ओलंपिक भारत के उद्देश्यों और चल रही पहलों का परिचय दिया। उन्होंने इन प्रयासों में खेल विभाग की ओर से किए जा रहे सहयोगात्मक कार्यों पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य भाग में समावेशी खेलों की विभिन्न विधाओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। शारीरिक शिक्षा अनुदेशक चंद्र माया दास ने बोच्चे खेल की जानकारी दी।
वहीं, पीएम श्री रंगपो वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक महेश फोकरेल ने फुटबॉल और एथलेटिक्स का प्रशिक्षण दिया। एकलव्य छेत्री ने बैडमिंटन पर सत्र संचालित किया। इसके अलावा, प्रतिभागियों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के विषय पर खुली चर्चा में भाग लिया। इस दौरान जिला समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने जिला स्तर पर समावेशी शिक्षा से जुड़ी पहलों और खेल कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामची, सोरेंग और गेजिंग जिलों के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, अनुदेशकों और विशेष शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विशेष ओलंपिक भारत की सिक्किम शाखा ने खेलकूद, समावेशी शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के जरिए राज्यभर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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