कलुक : सोरेंग जिला प्रशासनिक केंद्र के निर्देश पर जिला पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग द्वारा आज कलुक पीएम श्री आरबी गुरुंग गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘वन-डे एट स्कूल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों तथा पशु कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मिवांग तमांग ने विद्यार्थियों को पशु चिकित्सा क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता तथा पशु चिकित्सा विज्ञान एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उनके साथ, सहायक डेयरी विकास अधिकारी अंबिका अधिकारी ने डेयरी उद्योग की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे टिकाऊ आजीविका और आय का बेहतर माध्यम बताया। उन्होंने स्वच्छ दूध उत्पादन और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी प्रबंधन के महत्व के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शारिन गुरुंग ने रेबीज के संक्रमण, उसके फैलने के कारणों, बचाव के उपायों और जिम्मेदार पालतू पशु पालन के बारे में बताया। उन्होंने पशु के काटने की स्थिति में बिना देरी किए चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, डॉ. जुलिना सुब्बा ने एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में जानकारी देते हुए इसके बचाव एवं नियंत्रण, मुर्गीपालन में सुरक्षित व्यवहार तथा पक्षियों की असामान्य मौत होने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने की सलाह दी।
संयुक्त निदेशक डॉ. कुंजांग पाल्मू भूटिया ने पशुओं के प्रति दया, संवेदनशीलता और जिम्मेदार व्यवहार के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पशु कल्याण के मूल सिद्धांतों और पशुओं के मानवीय उपचार के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा, जिला पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. किशोर थापा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिम्मेदार पशुपालन, बीमारियों की रोकथाम और पशु स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाने में युवा पीढ़ी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जागरुकता सत्रों के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इस जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिए पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज में भी पशु स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर जागरुकता बढ़ाने में उपयोगी साबित होते हैं।
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