गंगटोक : सिक्किम सूचना आयोग की ओर से शुक्रवार को गंगटोक के ताशी नामग्याल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पर आधारित अंतर-विद्यालय भाषण एवं नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में आरटीआई कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके महत्व को समझाना था।
सिक्किम सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त कुबेर भंडारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों से सूचना प्राप्त करने के अपने अधिकार के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता पर बल दिया। भंडारी ने कहा कि लोकतांत्रिक शासन को मजबूत बनाने और सार्वजनिक संस्थानों के कामकाज में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आरटीआई एक प्रभावी साधन है। विद्यार्थियों को इसकी प्रक्रियाओं और उपयोगिता के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
सिक्किम सूचना आयोग की सचिव ज्योत्सना मैरी कार्थक ने विद्यार्थियों से आरटीआई अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को समझने का आह्वान किया। उन्होंने भाषण और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा आरटीआई के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने की सराहना की।
प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता में मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने प्रथम स्थान हासिल किया। बुर्तुक सीनियर सेकेंडरी स्कूल दूसरे, अरिथांग सीनियर सेकेंडरी स्कूल तीसरे, ताशी नामग्याल सीनियर सेकेंडरी स्कूल चौथे और वेस्ट प्वाइंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पांचवें स्थान पर रहा।
वहीं, नाट्य प्रतियोगिता में ताशी नामग्याल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने पहला स्थान प्राप्त किया। देवराली सीनियर सेकेंडरी स्कूल दूसरे, बोझोघारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल तीसरे, इंचे सीनियर सेकेंडरी स्कूल चौथे और तादोंग सीनियर सेकेंडरी स्कूल पांचवें स्थान पर रहा। आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को सूचना का अधिकार कानून की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ रचनात्मक तरीके से अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी में पारदर्शिता, जवाबदेही और जागरूक नागरिक भागीदारी के महत्व का संदेश भी दिया गया।
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