नामची : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के निर्देश और परिकल्पना के तहत प्रस्तावित एसएचजी भरोसा सम्मेलन 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सम्मेलन के आयोजन, योजना और क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री के ओएसडी रेवाज छेत्री की अध्यक्षता में जिले के तिमी में पहली समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 11 चेयरपर्सन और एक ओएसडी ने हिस्सा लिया।
बैठक में सम्मेलन की निगरानी के लिए एक समिति गठित करने, 200 पात्र स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अनुदान सहायता के लिए चुनने की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करने तथा चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और वास्तविक जरूरतों पर आधारित रखने पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही अनुदान सहायता के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों, चेयरपर्सन तथा जमीनी स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने एसएचजी भरोसा सम्मेलन को ग्रामीण सिक्किम के सामाजिक-आर्थिक विकास में स्वयं सहायता समूहों के योगदान को सम्मानित करने के लिए एक विशेष और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में परिकल्पित किया है। सम्मेलन में राज्य की हजारों ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और उपलब्धियों को विशेष रूप से सामने लाया जाएगा। वर्तमान में सिक्किम में 65 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूह आंदोलन से जुड़ी हैं। यह आंदोलन महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और समुदाय आधारित विकास को भी मजबूत कर रहा है।
ऐसे में, यह पहल मुख्यमंत्री के ‘ग्रासरूट्स टू गवर्नेंस’ (जमीनी स्तर से शासन तक) के दृष्टिकोण को भी दर्शाती है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब चेयरपर्सन और ओएसडी जैसे जिम्मेदार पदों तक पहुंचकर शासन और निर्णय प्रक्रिया में योगदान दे रही हैं। पहले के अगले चरण में 1 सितंबर से जिला स्तरीय समन्वय बैठकें शुरू होंगी। इसमें बीडीएस, डब्ल्यूडीएस-फेडरेशन के प्रतिनिधि और एसआरएलएम की बीएमएमयू टीमें शामिल होंगी। इन बैठकों के माध्यम से 200 स्वयं सहायता समूहों के चयन को व्यापक भागीदारी के साथ निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाया जाएगा। बताया गया है कि एसएचजी भरोसा सम्मेलन 2026 केवल स्वयं सहायता समूहों का सम्मान नहीं, बल्कि उनके पीछे खड़ी ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आकांक्षाओं और सिक्किम के निर्माण में उनके योगदान का उत्सव होगा।
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