‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ से मजबूत होगी आपदा तैयारियां

आपदा जागरूकता और प्राथमिक उपचार पर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

नामची : सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने नामची जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) तथा महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग विभाग के सहयोग से नामची पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्‍स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ पहल के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीडीएमए अध्यक्ष सह नामची जिला कलेक्टर अनूपा तामलिंग ने निरंतर जागरुकता और तैयारी के माध्यम से आपदा-रोधी समाज के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, क्योंकि बच्चों को आपदा सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करते हुए प्राप्त जानकारी को विद्यार्थियों और समुदाय तक पहुंचाने की अपील की।

वहीं, एसएसडीएमए की विशेष सचिव परिना गुरुंग ने समरदुंग सुरंग हादसे के दौरान जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदाएं अचानक और अप्रत्याशित होती हैं, इसलिए जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रत्येक शुक्रवार पांच मिनट ‘फ्राइडे सेफ्टी फाइव’ गतिविधि के लिए समर्पित करने का आग्रह किया। उनके साथ, एसएसडीएमए उप निदेशक केशव कोइराला ने पूर्व में हुई आपदाओं से मिले अनुभवों और उनसे सीख लेकर तैयारियों को मजबूत करने पर तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने बच्चों के नियमित संपर्क में रहने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आपदा जागरुकता फैलाने की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

उप निदेशक एडा लॉरेंस ने भी भूकंप, भूस्खलन, आंधी-तूफान, बिजली गिरने, हिमपात, हिमस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड और अग्निकांड से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने भूकंप के दौरान ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ तथा आग लगने पर ‘स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल’ तकनीक को विस्तार से समझाया। उन्होंने आपदा प्रबंधन चक्र, आपदा प्रतिक्रिया की प्रक्रिया तथा परिवार, विद्यालय, जिला और राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन योजनाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 112 और नामची जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 03595-263009 की जानकारी दी गई।

इसके अलावा, एसएसडीएमए उप निदेशक केसांग नीमा भूटिया ने भूकंप से पूर्व खतरों की पहचान और सुरक्षा तैयारियों पर जानकारी दी। उन्होंने ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया।

एसएसडीएमए के मानव संसाधन पेशेवर कुंजांग नामग्याल भूटिया ने प्राथमिक उपचार के सत्र में रक्तस्राव, जलने, हड्डी टूटने और अन्य चोटों के दौरान अपनाए जाने वाले तत्काल उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर का भी प्रदर्शन किया। वहीं, संसाधन व्यक्ति मोहन भट्टराई ने अग्नि सुरक्षा और रोकथाम पर प्रशिक्षण देते हुए आपातकालीन निकास मार्गों को खुला रखने, आग के विभिन्न प्रकारों और उनसे निपटने के उचित तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने आग लगने की स्थिति में रेस्क्यू, अलार्म, कंटेन और एक्सटिंग्विश यानी ‘रेस’ सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान अग्निशामक यंत्र के उपयोग का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। प्रतिभागियों को ‘पुल, एम, स्क्वीज और स्वीप’ (पास) तकनीक के माध्यम से आग बुझाने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य, बाल विकास परियोजना अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, नोडल शिक्षक तथा जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

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