सोरेंग : सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी की 86वीं जयंती सोमवार को उनकी जन्मस्थली मालबांसे में श्रद्धापूर्वक मनायी गयी। कार्यक्रम में विधायक आदित्य गोले ने उपस्थित होकर स्वर्गीय भंडारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी स्मृति संरक्षण समिति के तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर ओएसडी राजेन बस्नेत, ओएसडी रेमन थापा, स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी स्मृति संरक्षण समिति के मुख्य संयोजक केबी भंडारी, समिति के अध्यक्ष धनधोज सुब्बा, जिला एवं ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, स्थानीय क्षेत्र के सेवानिवृत्त अधिकारी, विभिन्न संघ-संस्थाओं के प्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे। मालबांसे और बुदांग ग्राम पंचायत इकाइयों के समाजसेवियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं अवकाशप्राप्त सरकारी कर्मचारियों ने हाल ही में स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी की स्मृति के संरक्षण के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया है। नवगठित समिति स्वर्गीय भंडारी के स्मृति भवन सहित संग्रहालय भवन के निर्माण के लिए कार्य करेगी। समिति का मुख्य संयोजक केबी भंडारी को बनाया गया है। धनधोज सुब्बा अध्यक्ष, बीआर सुब्बा उपाध्यक्ष, ज्ञान पी दहाल महासचिव, जितमान सुब्बा संयुक्त सचिव, डम्बर सुब्बा प्रचार-प्रसार सचिव तथा खास बहादुर सुब्बा और श्याम बहादुर थापा कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, भानु राई और एसबी रावत को वास्तुकार एवं सौंदर्यीकरण प्रभारी की जिम्मेदारी दी गयी है। समिति के सलाहकारों में बिणा चौहान, कौशिला छेत्री, पवित्र भंडारी, डीबी कार्की, जीआर सुब्बा, बौद्धमान सुब्बा, नरेश भंडारी, दिलीप चौहान और एसआर सुब्बा शामिल हैं।
स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी आधुनिक सिक्किम के शिल्पकार के रूप में लोकप्रिय थे। उन्होंने 1979 से 1994 तक तीन बार सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में नेपाली भाषा को शामिल कराने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। नेपाली भाषा के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित जगदंबा श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह गोरखा मूल के पहले भारतीय मुख्यमंत्री थे। उन्होंने अपने निधन तक भारतीय नेपाली भाषा परिसंघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। स्वर्गीय नरबहादुर भंडारी का जन्म 5 अक्टूबर 1940 को पश्चिम सिक्किम के सोरेंग बाजार के निकट मालबांसे में हुआ था। उन्होंने दार्जिलिंग सरकारी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की थी। राजनीति में प्रवेश करने से पहले उन्होंने कुछ वर्षों तक स्कूल शिक्षक के रूप में कार्य किया था। उनकी पत्नी दिलकुमारी भंडारी सिक्किम की पूर्व लोकसभा सदस्य हैं। उनके तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं।
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