मंगन : सिक्किम के मंगन जिले के काबी क्षेत्र अंतर्गत चवांग में मंगलवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण ने कृषि विभाग के सहयोग से किसान-वैज्ञानिक संवाद एवं क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खेती के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान की जानकारी देना और उनका तकनीकी ज्ञान बढ़ाना था। कार्यक्रम में मृदा विज्ञान के विषय विशेषज्ञ पाल्देन भूटिया, कृषि विज्ञान विशेषज्ञ पुष्कल शर्मा, पादप संरक्षण विशेषज्ञ कर्मा डोमा भूटिया, मत्स्य विभाग के प्रखंड अधिकारी रौशन सुब्बा, पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ हिस्से ओंगमू भूटिया और एटीएमए के उप परियोजना निदेशक पदम बहादुर गुरूंग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधक लाकपा लेप्चा के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में सवाल पूछे। संवाद के दौरान किसानों ने प्रमुख फसलों में लगने वाले कीटों एवं रोगों, मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता तथा पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों से संबंधित समस्याएं रखीं।
विशेषज्ञों ने फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के उपायों, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन, अनुशंसित मात्रा में खाद के प्रयोग तथा मिट्टी को रोगमुक्त रखने की प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यक्रम में पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने पशुओं को सामान्य बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने और निवारक उपाय अपनाने की आवश्यकता बतायी।
इसके अलावा घास कार्प और ट्राउट मछली पालन पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि मत्स्य पालन किसानों के लिए आजीविका के विविधीकरण और अतिरिक्त आय का अवसर उपलब्ध करा सकता है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान विशेषज्ञ पुष्कल शर्मा ने कुट्टू के प्रमाणित बीज उत्पादन पर क्षमता विकास एवं कौशल प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया। इसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना था। कार्यक्रम का समापन काबी की कृषि विकास अधिकारी थेंडल जांग्मू लेप्चा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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