पाकिम : पाकिम जिले में जल जीवन मिशन 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज स्थानीय रूर्बन कॉम्प्लेक्स में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। पाकिम जिला कलेक्टर परी बिश्नोई ने इसकी अध्यक्षता की।
बैठक का उद्देश्य जिले में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करना था। साथ ही जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के टिकाऊ प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा हुई।
पाकिम एडीसी पुलकित, एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी नारायण मिश्रा, डीई जिला कैलाश शर्मा, जिला सूचना अधिकारी डीकी भूटिया के साथ विभिन्न ब्लॉकों के बीडीओ, पीआरआई एडी, जीपीयू प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों से योजनाओं के सफल संचालन के लिए समन्वय, सही योजना, संचालन और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल के लिए कार्यशील नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने ग्राम पंचायतों को जल गुणवत्ता की निगरानी, संपत्ति प्रबंधन, समान सेवा वितरण और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। डीसी ने सभी ग्राम पंचायतों को सुजलम शक्ति समितियां गठित करने और नल जल मित्रों को नामित करने का निर्देश दिया, ताकि जमीनी स्तर पर योजना की निगरानी और क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया जा सके।
वहीं, एडीसी पुलकित ने हितधारकों से जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जेजेएम पोर्टल पर समय पर जानकारी अपलोड करना आवश्यक है, ताकि जिले की प्रगति राष्ट्रीय स्तर पर सही ढंग से प्रदर्शित हो सके। उन्होंने हितधारकों से एसबीएम और जेजेएम योजनाओं को लागू करने में तेजी लाने की अपील की और साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर जिले की प्रगति दिखाने के लिए जेजेएम पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने को महत्वपूर्ण बताया।
एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण और ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कचरे के पृथक्करण, बड़े कचरा उत्पादकों की पहचान, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, संग्रहण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निस्तारण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान, जिला अभियंता कैलाश शर्मा ने जिले में जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों और जल जीवन मिशन 2.0 को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
इसके अलावा, बैठक में पोर्टल प्रबंधन, ब्लॉक स्तर की जिम्मेदारियां, क्षमता निर्माण, ग्राम पंचायतों की भूमिका और जल एवं स्वच्छता समितियों के समन्वित प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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