गंगटोक : सिक्किम में जैविक कृषि और आधारभूत संरचना के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 583 करोड़ की आर्थिक सहायता की घोषणा का Sikkim Democratic Front (एसडीएफ) ने स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा हालिया सिक्किम दौरे के दौरान शुरू किए गए 360 करोड़ के ‘मिशन सिक्किम ऑर्गेनिक्स’ का उद्देश्य 66 हजार से अधिक किसान परिवारों को लाभ पहुंचाते हुए सिक्किम को वैश्विक स्तर पर प्रीमियम जैविक अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
हालांकि एसडीएफ ने आरोप लगाया है कि एसकेएम सरकार केंद्र के सामने सिक्किम के ऑर्गेनिक ब्रांड को तो जोर-शोर से पेश करती है, लेकिन राज्य के भीतर जैविक मिशन की पूरी तरह उपेक्षा कर रही है। एसडीएफ के अनुसार, वित्त आयोग, संसद और केंद्रीय मंत्रालयों के सामने सरकार जैविक सिक्किम और हरित पहल का हवाला देकर आर्थिक सहायता मांगती है, जबकि जमीन पर यह मिशन कमजोर हो चुका है।
एसडीएफ चेली मोर्चा उपाध्यक्ष कोमल चामलिंग ने कहा कि एसकेएम सरकार सिक्किम के ऑर्गेनिक ब्रांड का उपयोग केवल केंद्रीय सहायता प्राप्त करने के लिए कर रही है, जबकि राज्य में जैविक मिशन को बचाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया जा रहा है। पार्टी ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की है।
एसडीएफ नेता ने अक्टूबर 2024 में सिक्किम स्टेट ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी के निलंबन को राज्य की जैविक प्रतिष्ठा पर गंभीर आघात बताया। आरोप है कि नन-ऑर्गेनिक चावल को सिक्किम का जैविक चावल बताकर निर्यात के लिए प्रमाणित किया गया था। इस मामले में एसएसओसीए और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनी पर कार्रवाई हुई तथा एजेंसी पर जुर्माना भी लगाया गया। पार्टी ने सवाल उठाया कि इस मामले में अब तक राज्य सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की।
चामलिंग ने कहा, इस सर्टिफिकेशन घोटाले के कारण सिक्किम को जिस शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, उसके बावजूद एसकेएम सरकार ने न तो कोई सफाई दी और न ही कोई कार्रवाई की। जब यह निलंबन हुआ, तब एसएसओसीए की कमान सुधीर गिरि के हाथों में थी। सिक्किम को विश्व-स्तर पर बदनाम करने वाले इस गंभीर घटना के बावजूद वह आज भी इस संस्था के प्रमुख बने हुए हैं। सरकार ने अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है?
एसडीएफ ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को बीज, बाजार, प्रमाणन और सहायता व्यवस्था को लेकर लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का दावा है कि राज्य में नन-ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे शत-प्रतिशत जैविक राज्य की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उनके अनुसार, दुर्भाग्यजनक रूप से सिक्किम और केंद्र दोनों ही स्तरों पर ऑर्गेनिक मिशन के प्रति एसकेएम सरकार का दोहरा रवैया यह साफ दर्शाता है कि वह इस मिशन का इस्तेमाल केवल केंद्र से आर्थिक सहायता पाने के लिए एक ‘सुविधाजनक ब्रांड’ के तौर पर कर रही है। एसडीएफ पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है।
एसडीएफ ने कहा कि सिक्किम का जैविक मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं था, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के नेतृत्व में 2003 से शुरू हुई ऐतिहासिक नीति थी, जिसके परिणामस्वरूप सिक्किम ने 2016 में 100 प्रतिशत जैविक राज्य का दर्जा प्राप्त किया। 2018 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन से मिला फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवार्ड भी इसी उपलब्धि की पहचान था।
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