मंगन : केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित माइ भारत मंगन कार्यालय की ओर से शनिवार को “विकसित भारत 2047 के लिए नशामुक्त युवा” विषय पर जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई। “ड्रग्स को ना कहें, जीवन और राष्ट्र को हां कहें” के मूल संदेश के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन मंगन पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल और भविष्य भारत के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में रिंगहिम-नामपाटम जीपीयू के पंचायत अध्यक्ष शेराप भूटिया मुख्य अतिथि और राज्य के खेल एवं युवा मामलों के अतिरिक्त निदेशक जनिम लेप्चा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ, मंगन रिकवरी सेंटर के प्रमुख नरसुस लेप्चा सहित शिक्षक, सरकारी अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि शेराप भूटिया ने माई भारत और मंगन पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की पहल की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन का सम्मान करने तथा हर प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील की।
भूटिया ने कहा कि माता-पिता बच्चों के वास्तविक नायक होते हैं, जो लगातार उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का प्रयास करते हैं। युवाओं को समय रहते सही रास्ता चुनना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मंगन जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
वहीं, मंगन रिकवरी सेंटर के प्रमुख नरसुस लेप्चा ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग, उचित परामर्श और सामुदायिक भागीदारी से नशे की लत से बाहर निकलना संभव है।
इसके अलावा, चिकित्सा अधिकारी डॉ हरि चंद्र छेत्री ने नशीले पदार्थों के सेवन से मानव शरीर, मानसिक स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से सोच-समझकर जीवन से जुड़े निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि नशे की रोकथाम के लिए शुरुआती स्तर पर जागरूकता, परामर्श और परिवार तथा समाज का सहयोग बेहद जरूरी है।
इससे पहले, कार्यक्रम की शुरुआत भाषण प्रतियोगिता से हुई, जिसमें मंगन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 12 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने “नशीले पदार्थों की समस्या को समाप्त करने में युवाओं की भूमिका” तथा “साथियों का दबाव बनाम व्यक्तिगत निर्णय” विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सही निर्णय लेने, आत्मानुशासन और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान नृत्य, नुक्कड़ नाटक, स्लैम कविता, चित्रकला और समूह गीत प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। नृत्य प्रतियोगिता में छह प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में पांच टीमों ने भाग लिया और नशाखोरी से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। स्लैम कविता प्रतियोगिता में छह प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं की आकांक्षाओं तथा नशामुक्त भविष्य की आवश्यकता को सामने रखा। चित्रकला और समूह गीत प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली, देशभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता से जुड़े संदेश दिए। सभी प्रतियोगिताओं के बाद प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा ट्रॉफी, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
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