गंगटोक : राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), सिक्किम के निदेशक डॉ शांति राम अधिकारी के नेतृत्व में 36 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), पुणे में आयोजित छह दिवसीय आवासीय कार्यशाला में सफलतापूर्वक भाग लेने के बाद लौट आया है।
प्रतिनिधिमंडल में 33 इनोवेशन चैंपियंस, एससीइआरटी के दो संकाय सदस्य तथा निदेशक डॉ शांति राम अधिकारी शामिल थे। यह कार्यशाला 16 से 21 जुलाई, 2026 तक आयोजित की गई। यह कार्यशाला आईआईएसईआर, पुणे की आईराइज (आईआईएसईआर-इंस्पायरिंग इंडिया इन रिसर्च, इनोवेशन एंड स्टेम एजुकेशन) पहल के तहत आयोजित की गई। इसका आयोजन एससीइआरटी, सिक्किम और आईआईएसईआर, पुणे के बीच चल रहे शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य एनईपी-2020 की परिकल्पना के अनुरूप नवाचार आधारित, जिज्ञासापरक और दक्षता-आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
इस शैक्षणिक एक्सपोजर कार्यक्रम को सिक्किम सरकार के शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान और गणित की शिक्षा को कक्षा स्तर पर नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाना था। छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, गणित, जियोजेब्रा, टिंकरकैड, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा विजुअलाइजेशन, वैज्ञानिक अन्वेषण, रोल प्ले, डिजाइन थिंकिंग तथा कक्षा नवाचार जैसे विषयों पर गतिविधि-आधारित एवं जिज्ञासापरक शिक्षण पद्धतियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों ने प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो चंद्रशेखर बोरकर और प्रो लीलावती नार्लीकर के साथ संवाद भी किया। इसके अलावा उन्होंने न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस तथा बर्ड रिसर्च प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और कम लागत वाली शिक्षण सामग्री का उपयोग करते हुए कक्षा में अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक रसायन विज्ञान प्रयोगों में भाग लिया। कार्यशाला की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि राज्य के सभी जिलों के लिए जिलास्तरीय कार्ययोजनाओं का तैयार किया जाना रहा। इन कार्ययोजनाओं के माध्यम से इनोवेशन चैंपियंस अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान सिक्किम के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिससे आइआइएसइआर, पुणे में सीखी गई नवाचारी शिक्षण पद्धतियां राज्य के सभी विद्यालयों तक पहुंच सकेंगी।
प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक और परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि इसमें जिज्ञासा, प्रयोग, सहयोगात्मक अध्ययन और आत्ममंथन आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने अपने-अपने विद्यालयों में इन नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए एससीइआरटी, सिक्किम के निदेशक डॉ शांति राम अधिकारी ने आईआईएसईआर, पुणे के निदेशक, डीन तथा आईराइज टीम का विज्ञान एवं गणित शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में निरंतर शैक्षणिक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला के उत्कृष्ट आयोजन की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि प्रतिभागियों द्वारा अर्जित नवाचारी शिक्षण कौशल और रणनीतियां राज्य के विद्यालयों में कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाएंगी तथा विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार करेंगी। डॉ अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक एक्सपोजर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री श्री राजू बस्नेत, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉ संदीप तांबे (आईएफएस) तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग के सचिव सह समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक ताशी छोपेल के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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