कचरा प्रबंधन में अपनाएं नए और व्यावहारिक उपाय: डीसी परी बिश्नोई

क्षेत्रवार निरीक्षण और नियमित निगरानी के दिए निर्देश

पाकिम : जिले में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला प्रशासनिक केंद्र में जिला कलेक्टर परी बिश्नोई की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एडीसी पुलकित भी मौजूद रहे।

बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के पालन की समीक्षा की गई तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के संग्रह, पृथक्करण, निस्तारण और पुनर्चक्रण को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को क्षेत्रवार निरीक्षण कर मौजूदा व्यवस्थाओं की जमीनी जांच करने तथा समस्याग्रस्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए जिससे कि मौजूदा कचरा प्रबंधन के तौर-तरीकों की जमीनी जांच और ध्यान देने योग्य समस्याओं वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

डीसी ने कचरा प्रबंधन के लिए व्यावहारिक और नए तरीके अपनाने का आह्वान किया और विभागों को कचरे, विशेष रूप से प्लास्टिक कचरे के उपयोग और रीसाइक्लिंग के लिए व्यावहारिक एवं नवाचार आधारित उपाय अपनाने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने सभी संबंधित विभागों को नियमित निगरानी रखने और तय कचरा प्रबंधन तौर-तरीकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

वहीं, एडीसी पुलकित ने विभागों की जिम्मेदारियों की जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर कचरा प्रबंधन से आपदा प्रबंधन और तैयारियों को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ काम करने का आग्रह किया।

बैठक में बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान और निगरानी पर भी चर्चा हुई। 20 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक पानी की खपत करने वाले प्रतिष्ठान अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया।

पर्यटन स्थलों पर कचरा प्रबंधन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने, कमियों की पहचान करने तथा उचित संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि पर्यटकों और आम लोगों को जिम्मेदार तरीके से कचरा निस्तारण के लिए प्रेरित किया जा सके।

इसके अलावा कचरा संग्रह वाहनों की उपलब्धता और उपयोग, विभिन्न प्रकार के कचरे के पृथक्करण, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यवस्था तथा आम जनता की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। पाकिम जिले में संचालित मटेरियल रिकवरी सेंटरों की कार्यप्रणाली और आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए इनके बेहतर उपयोग तथा संसाधन पुनर्प्राप्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक में एडीसी (मुख्यालय) सबिंद्र राई, एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया, पाकिम एसडीएम एनके भंडारी, रोंगली एसडीएम सुरेन कुमार प्रधान, रंगपो एवं पाकिम एमईओ, विभिन्न बीडीओ तथा जल संसाधन, पीएचईडी, ग्रामीण विकास, वन विभाग और भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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